राघोपुर में 50 घर नदी में विलीन, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

 


भागलपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत राघोपुर काजीकोरिया पंचायत में गंगा नदी का भीषण कटाव लगातार तबाही मचा रहा है। महादेवपुर घाट के समीप ब्रह्म बाबा स्थान के पास करीब 125 मीटर तक तटबंध कटाव की तीव्र चपेट में है। इस आपदा में अब तक करीब 50 ग्रामीणों के आशियाने गंगा नदी में समा चुके हैं, जिससे इलाके में हाहाकार मचा हुआ है।

प्रसिद्ध ब्रह्म बाबा मंदिर का एक हिस्सा भी कटाव के कारण नदी में विलीन होने की कगार पर है। कटाव की त्रासदी झेल रहे स्थानीय समाजसेवी प्रमोद मंडल अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने कहा, एक-एक रुपया जोड़कर जिंदगी भर की कमाई से अपना घर बनाया था, जिसे आज गंगा की लहरों ने छीन लिया। कई परिवार बेघर होकर दर-दर भटक रहे हैं। इस आपदा ने हमारे परिवारों को बिखेर कर रख दिया है। प्रमोद मंडल ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को कोई मदद नहीं मिल रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कटाव रोकने के लिए तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस बीच, कटाव निरोधी कार्यों (फ्लड फाइटिंग) के नाम पर पहले खर्च की गई सरकारी राशि को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पूर्व में हुए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।

बिपिन मंडल (जिला परिषद अध्यक्ष, भागलपुर) ने कहा कि कटाव रोकने के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। सरकार और जल संसाधन विभाग योजनाओं और खर्च का पूरा विवरण (श्वेत पत्र) जनता के सामने रखे। दूसरी ओर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाके में सुरक्षात्मक और कटाव निरोधी कार्य तेज कर दिए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से सैंड बैग और जियो बैग डालने का काम किया जा रहा है।

संभावित खतरे को देखते हुए आपदा प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थलों (रिलीफ कैंप) की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत शिफ्ट किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर