नरगाकोठी विद्यालय में त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला प्रारंभ
भागलपुर, 30 मार्च (हि.स.)। सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर एवं पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी भागलपुर में सोमवार को त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ भागलपुर विभाग के जिला निरीक्षक सतीश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य अमरेश कुमार, उप प्रधानाचार्य अभिनंदन सिंह, शिशु मंदिर प्रभारी ममता जायसवाल, कार्यक्रम प्रमुख विनोद पांडे एवं आचार्य अजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर सतीश कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्देशानुसार छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्यापन होना चाहिए। कक्षा कक्ष में शैक्षिक उपकरण का प्रयोग अवश्य होना चाहिए। संपूर्ण शैक्षिक सत्र की उत्कृष्ट योजनाओं का निर्माण कर सत प्रतिशत पालन करना ही कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है।
प्रधानाचार्य अमरेश कुमार ने कहा कि विचार एक संसाधन है, जिसे नियंत्रित, संयमित एवं उपयोगी बनाकर जीवन में अनेक चमत्कार एवं आश्चर्यजनक परिणाम उत्पन्न किये जा सकते हैं। नवीन ऊर्जा के साथ अपने कार्यों को गति प्रदान कर इसे परिणामकारी स्थिति तक पहुंचाने का प्रयत्न अपना ध्येय बनना चाहिए। अभिनंदन सिंह ने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ही हम लोग यहां कार्य करते हैं। परंतु शैक्षिक कार्य में नवीनता उत्कृष्टता एवं ऊर्जस्विता हेतु कार्यशाला आवश्यक होता है। छात्रों का सर्वांगीण विकास ही शिक्षण का मुख्य लक्ष्य है।
आज का कार्यशाला पांच सत्रों में संपन्न हुआ। जिसमें वंदना, अभिलेख को व्यवस्थित करना, स्थाई भौतिक सामग्रियों का सत्यापन, सत्र 2025-26 की विस्तृत समीक्षा, सबल एवं निर्बल पक्षों पर विचार, आचार्य भारती का गठन, दिवसाधिकारी का निर्धारण, दायित्व पर चर्चा, शून्य कालांश पर चर्चा एवं संकुल स्तरीय कार्य योजना पर चर्चा किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय पूर्व छात्र टोली के सदस्य अमित राम, कार्यक्रम सह प्रमुख अभिजीत आचार्य, सतीश गुप्ता, अमित आनंद, शांतनु आनंद ,दीपक कुमार झा, शशि भूषण मिश्र, अमर ज्योति, मनोज तिवारी, आभाष कुमार एवं विद्यालय के सभी आचार्य उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर