किशनगंज के 10 गांव बनेंगे आदर्श ग्राम, विकास योजनाओं को समय सीमा में पूरा करने का निर्देश
किशनगंज, 02 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के अनुसूचित जाति बहुल 10 गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है।
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत चयनित इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।सोमवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय योजना मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति (पीएसीसी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इसमें चयनित गांवों की विकास योजनाओं की प्रगति और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जिले के 40 प्रतिशत या उससे अधिक अनुसूचित जाति की आबादी वाले 10 गांवों का चयन किया गया है।
इनमें कोचाधामन प्रखंड के भवानीगंज, धनसोना, शाहनगर, नगरी और हरिभासा, टेढ़ागाछ प्रखंड के घनी फुलसरा एवं हवाकोल खुर्द, दिघलबैंक प्रखंड का सतमेरी, पोठिया प्रखंड का डुबानोची तथा किशनगंज प्रखंड का महेशबथना गांव शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ग्राम स्तरीय समिति और ग्राम सभा की बैठक के बाद ग्राम विकास योजनाओं को अनुमोदित कर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से जिला को उपलब्ध करा दिया गया है। योजना के तहत प्रत्येक चयनित गांव में दो हाईमास्ट लाइट, प्रत्येक परिवार को दो रिचार्जेबल एलईडी बल्ब तथा सामुदायिक सेवा केंद्र के लिए आवश्यक सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा नल-जल, शौचालय, आंगनबाड़ी, संपर्क पथ और गली-नाली निर्माण जैसी योजनाएं संबंधित विभागों के माध्यम से पूरी कराई जाएंगी।
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम सभा से अनुमोदित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में पूरा करें।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि चयनित गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह