Winter Travel Calendar 2026-27: सर्दियों में एक्सप्लोर करें भारत के 4 शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस
सर्दियों का मौसम सिर्फ घर में रजाई में बैठने के लिए नहीं होता बल्कि घूमने-फिरने का असली मजा भी इसी समय आता है। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर तरफ अलग ही रौनक देखने को मिलती है। कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। अगर आप भी इस बार सर्दी की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने के बजाय कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस करना चाहती हैं, तो आपको ट्रैवल का एक नया प्लान बनाना चाहिए।
सर्दियों का मौसम सिर्फ घर में रजाई में बैठने के लिए नहीं होता बल्कि घूमने-फिरने का असली मजा भी इसी समय आता है। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर तरफ अलग ही रौनक देखने को मिलती है। कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। अगर आप भी इस बार सर्दी की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने के बजाय कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस करना चाहती हैं, तो आपको ट्रैवल का एक नया प्लान बनाना चाहिए।
दरअसल, सर्दियों में भारत के अलग-अलग राज्यों में कई बड़े फेस्टिवल्स होते हैं, जहां आप वहां के लोगों का रहन-सहन, संस्कृति, खाना-पीना और परंपराओं को करीब से समझ सकती हैं।
भारत के 4 शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस
हम आपको अपने इस लेख में सर्दियों के ऐसे ही 4 शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस के बारे में बता रहे हैं जहां आपको कम से कम एक बार जरूर जाना चाहिए। आइए जानते हैं-
1. पुष्कर कैमल फेयर, राजस्थान (नवंबर)
राजस्थान के पुष्कर में हर साल अक्टूबर-नवंबर के दौरान 5 दिनों का पुष्कर मेला लगता है। यह दुनिया के सबसे बड़े मवेशी मेलों में से एक है। यहां आपको रंग-बिरंगे बाजार, लोक संगीत और राजस्थानी संस्कृति का खूबसूरत रूप देखने को मिलेगा।
यहां सिर्फ जानवर खरीदे और बेचे ही नहीं जाते बल्कि मटका फोड़ने, सबसे लंबी मूंछें दिखाने और दुल्हन की तरह सजने जैसे कई मजेदार कॉम्पिटिशन भी होते हैं। यहां तक कि लोकल पुष्कर क्लब और बाहर से आए विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल मैच भी खेला जाता है। अगर आप यहां जा रही हैं, तो पुष्कर झील और भगवान ब्रह्मा के मशहूर मंदिर भी जरूर जाएं। ।
कब जाएं: यह मेला 17 से 24 नवंबर 2026 के बीच आयोजित हो रहा है।
ट्रैवल टिप: मेले की जगह के पास ही रुकें और सुबह-सुबह घूमने निकलें, उस समय फोटो भी अच्छी आती हैं और रौनक भी देखने लायक होती है।
2. कोणार्क डांस फेस्टिवल, ओडिशा (दिसंबर)
गुरु गंगाधर प्रधान ने कोणार्क डांस फेस्टिवल की शुरुआत 1986 में की थी, जो आज भारत के सबसे बड़े क्लासिकल डांस फेस्टिवल्स में से एक है। ओडिशा टूरिज्म की तरफ से होने वाले इस 5 दिनों के इवेंट में देश भर से बेस्ट डांसर्स हिस्सा लेने आते हैं। यहां आप कोणार्क सूर्य मंदिर के सामने स्टेज पर ओडिसी, भरतनाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और मणिपुरी जैसे शानदार डांस शो देख सकती हैं। इसके अलावा शाम को डांस परफॉरमेंस देखने के साथ-साथ दिन में सूर्य मंदिर घूम सकती हैं। पास ही चंद्रभागा बीच पर इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल भी लगता है, आप वहां भी जा सकती हैं।
कब जाएं: यह फेस्टिवल 1 से 5 दिसंबर 2026 तक चलेगा। साल 2027 की डेट्स के लिए ओडिशा टूरिज्म की वेबसाइट चेक कर सकती हैं।
ट्रैवल टिप: कोणार्क के सबसे पास भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, जो यहां से लगभग 65 किलोमीटर दूर है। आप कोणार्क के साथ-साथ पुरी और भुवनेश्वर घूमने का प्लान भी बना सकती हैं।
3. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, राजस्थान (जनवरी)
अगर आपको किताबें पढ़ना और नई-नई बातें जानना पसंद है, तो जयपुर का लिटरेचर फेस्टिवल आपके लिए ही बना है। जयपुर का यह फेस्टिवल इस खूबसूरत शहर को दुनिया भर के लेखकों, कवियों, इतिहासकारों और पत्रकारों का ठिकाना बना देता है। यहां किताबों, राजनीति, इतिहास, साइंस और समाज से जुड़े ढेरों टॉपिक्स पर बातचीत होती है। आप सुबह किसी राइटर की बातें सुन सकती हैं और दोपहर में टेक्नोलॉजी की डिबेट में शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा किताबों की दुकानों पर घूमने और नए-नए लोगों से बातें करने का अपना अलग ही मजा मिलता है। साथ ही आप जयपुर के बाजारों में घूम सकती हैं और यहां के जायके का स्वाद लेना न भूलें।
कब जाएं: साल 2027 में यह फेस्टिवल 14 से 18 जनवरी के बीच जयपुर में होगा।
ट्रैवल टिप: जाने से पहले पूरा प्रोग्राम देख लें और अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लें। बहुत ज्यादा भीड़ से बचने के लिए दो टॉक्स (सेशंस) के बीच थोड़ा टाइम गैप रखें ताकि आप आराम से घूम सकें।
4. अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति, गुजरात (जनवरी)
आपको बता दें कि गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण कहते हैं। इस दौरान पूरा गुजरात अपनी-अपनी छतों पर होता है और हर तरफ पतंगबाजी की धूम मची रहती है। अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल मनाया जाता है, जहां दुनिया भर से लोग अपनी अलग-अलग और खूबसूरत पतंगों के साथ आते हैं। यहां आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के साथ-साथ यहां का खाना भी एकदम जबरदस्त होता है। तिल-गुड़ की मिठाइयां, चिक्की, उंधियू और गरमा-गरम जलेबी इस त्यौहार का मजा दोगुना कर देती हैं।
कब जाएं: 10 से 14 जनवरी 2027 के बीच साबरमती रिवरफ्रंट पर यह फेस्टिवल चलेगा।
ट्रैवल टिप: अहमदाबाद में रुकने के लिए होटल की बुकिंग पहले से ही करके रखें। धूप से बचने के लिए टोपी पहनें और पक्के या कांच वाले मांझे से थोड़ा दूर रहें, ताकि चोट न लगे।