ट्रेन में ऐसे तय होते हैं सीट नंबर, इस ट्रिक से आप भी कर लेंगी पहचान
ट्रेन टिकट बुक करते समय अक्सर लोग यह मना रहे होते हैं कि उन्हें नीचे वाली या खिड़की वाली सीट मिल जाए। इसका कारण यह है कि कई बार टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ सिलेक्ट करने के बाद भी पसंदीदा सीट नहीं मिलती। ऐसे में टिकट नंबर मिलने के बाद यात्रियों को समझ नहीं आता कि यह कौन सी सीट है। अगर आप भी सीट नंबर देखकर सीट पोजिशन के बारे में जानना चाहती हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
ट्रेन टिकट बुक करते समय अक्सर लोग यह मना रहे होते हैं कि उन्हें नीचे वाली या खिड़की वाली सीट मिल जाए। इसका कारण यह है कि कई बार टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ सिलेक्ट करने के बाद भी पसंदीदा सीट नहीं मिलती। ऐसे में टिकट नंबर मिलने के बाद यात्रियों को समझ नहीं आता कि यह कौन सी सीट है। अगर आप भी सीट नंबर देखकर सीट पोजिशन के बारे में जानना चाहती हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
रेलवे सबसे पहले लोअर बर्थ नहीं देता
रेलवे टिकट बुकिंग के दौरान हमेशा लोअर बर्थ खत्म नहीं करता। वह लास्ट तक इन सीटों को बचाकर रखता है। लोगों को लगता है कि बुकिंग शुरू होते ही लोअर बर्थ भर जाएंगी और उन्हें आखिरी में नीचे की सीट नहीं मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं है। कई बार 5 सीटें बची होती हैं, तब भी लोगों को नीचे की सीटें मिल जाती हैं।
एक साथ सभी कोच की सीटें बुक नहीं होती
आप सोच रहे हैं कि रेलवे कोच के हिसाब से सीट भरता है, तो ऐसा नहीं है। किसी कोच की कुछ सीटें भर जाती हैं, तो रेलवे दूसरे कोच के लिए टिकट बुक करने लग जाता है। कोच का अर्थ ट्रेन के डिब्बो से हैं।
PNR नंबर हर बार काम नहीं आता
कई बार यात्रियों को लगता है कि उन्हें एक कोच में 5 से 6 सीटें मिल जाएंगी, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता। अगर ट्रेन पूरी भर चुकी है, हर कोच में 2 या 3 ही सीटें बची हैं, तो रेलवे के पास कोई चारा नहीं होता। वह 1 परिवार के लोगों को अलग-अलग कोच में भी सीटें दे देता है। एक PNR से टिकट बुक करने के बाद भी ऐसा हो जाता है।
RAC और वेटिंग टिकट के लिए सीटें अलग रखी जाती हैं
रेलवे पहले ही RAC और वेटिंग टिकट के लिए सीटें अलग कर देता है, ताकि जब सीटे भर जाएं, तो लोगों को इसका फायदा मिल सके। इसलिए कई बार खाली सीट होने के बाद भी आपको सीटें वेटिंग में नजर आती हैं।
सीट नंबर देखकर बर्थ का पता लगाया जा सकता है
1 से सीट की शुरुआत होती है और 1 नंबर लोअर बर्थ होता है, ऐसे में अगर आपको 7 नंबर मिला है, तो यह भी लोअर बर्थ होगा। क्योंकि 1 से 7 तक मिडल, अपर, साइड अपर साइड लोअर, सभी सीटें शामिल हो जाती हैं। इसके बाद यही क्रम हर कोच में दोहराया जाता है।