प्रयागराज से 150 किमी के अंदर स्थित हैं ये अद्भुत जगहें, वीकेंड में डेस्टिनेशन पॉइंट बनाएं

प्रयागराज जिसे कई लोग इलाहाबाद के नाम से भी जानते हैं। यह खूबसूरत शहर देश में हिन्दू धर्म के अनुयायियों के लिए पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। जी हां, कहा जाता है कि प्रयागराज गंगा, यमुना और सरस्वती, तीन नदियों के संगम स्थल का घर है। इसलिए यहां हर दिन हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं।यह सच है कि प्रयागराज की खूबसूरती और यहां मौजूद स्थलों का दीदार करने का एक अलग ही मजा है, लेकिन इस खूबसूरत शहर से करीब 150 किमी के अंदर भी एक से एक शानदार और अद्भुत जगहें मौजूद हैं।आज हम आपको प्रयागराज से 150 किमी के अंदर स्थित कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप परिवार, दोस्त और पार्टनर के साथ वीकेंड में घूमने के लिए जा सकते हैं।

 

प्रयागराज जिसे कई लोग इलाहाबाद के नाम से भी जानते हैं। यह खूबसूरत शहर देश में हिन्दू धर्म के अनुयायियों के लिए पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। जी हां, कहा जाता है कि प्रयागराज गंगा, यमुना और सरस्वती, तीन नदियों के संगम स्थल का घर है। इसलिए यहां हर दिन हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं।यह सच है कि प्रयागराज की खूबसूरती और यहां मौजूद स्थलों का दीदार करने का एक अलग ही मजा है, लेकिन इस खूबसूरत शहर से करीब 150 किमी के अंदर भी एक से एक शानदार और अद्भुत जगहें मौजूद हैं।आज हम आपको प्रयागराज से 150 किमी के अंदर स्थित कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप परिवार, दोस्त और पार्टनर के साथ वीकेंड में घूमने के लिए जा सकते हैं।


देउर कोठार
प्रयागराज से 200 किमी के अंदर स्थित किसी शानदार और ऐतिहासिक जगह घूमने की बात होती है, तो देउर कोठार का नाम जरूर शामिल रहता है। हालांकि, यह मध्य प्रदेश के रीवा में स्थित है, लेकिन प्रयागराज के आसपास घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है।देउर कोठार एक पुरातत्व स्थल है। यह अपने बौद्ध स्तूपों के लिए जाना जाता पूरे विश्व भर में फेमस है। कहा जाता है कि यहां स्थित चट्टान करीब 5 हजार साल से भी अधिक प्राचीन है। कई लोग यहां स्थित बौद्ध स्तूपों को अशोक के शासनकाल से सम्बंधित बताते हैं। बौद्ध स्तूप होने के चलते यह स्थान बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था का केन्द्र बना हुआ है।

दूरी-प्रयागराज से देउर कोठार की दूरी करीब 71 किमी है।

चित्रकूट 
चित्रकूट देश की एक ऐसी जगह है, जिसके बारे में लगभग हर हिन्दू व्यक्ति जानता होगा। जी हां, महाकाव्य रामायण के अनुसार, चित्रकूट वह स्थान है, जहां भारत वनवास के समय भगवान राम से मिलने के लिए आए थे।चित्रकूट सिर्फ धार्मिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां आध्यात्मिक चीजों के साथ प्राकृतिक दृश्यों का भी लुत्फ उठाया जा सकता है। चित्रकूट में स्थित कामदगिरि, रामघाट, भरतकूप, भरत मिलाप मंदिर, गणेश बाग और हनुमान धारा जैसी शानदार जगहों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा चित्रकूट वॉटरफॉल का दीदार करना कतई न भूलें।

दूरी-प्रयागराज से चित्रकूट की दूरी करीब 129 किमी है।

पुरवा वॉटरफॉल
अगर आप प्रयागराज में नदियों का संगम स्थल देख-देखकर बोर हो गए हैं, तो फिर आपको पुरवा वॉटरफॉल पहुंच जाना चाहिए। जी हां, पुरवा वॉटरफॉल एक ऐसी जगह है, जहां देश के हर कोने से पर्यटक परिवार, दोस्त या पार्टनर के साथ घूमने के लिए पहुंचते हैं। पुरबा वॉटरफॉल में जब 200 फीट ऊंचे से जमीन पर पानी गिरता है, तो दृश्य को सिर्फ और सिर्फ निहारने का ही मन करता है। रीवा पठार की चट्टानों से गिरता पुरवा वॉटरफॉल का पानी काफी तीव्र होता है, इसलिए सैलानी इसे दूर से ही देखते हैं। मानसून से इस जगह की खूबसूरती चरम पर होती है। वॉटरफॉल के आसपास स्थित हरियाली भी आपका मन मोह लेगी।

दूरी- प्रयागराज से पुरवा वॉटरफॉल की दूरी करीब 123 किमी है।

चंदौली
चंदौली उत्तर प्रदेश की एक ऐसी जगह है, जहां लगभग हर कोई घूमना चाहेगा। जी हां, चंदौली शहर प्राकृतिक नजारों के लिए खूब प्रसिद्ध है। इस खूबसूरत जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां हिल स्टेशन का अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।चंदौली छोटे-छोटे पहाड़, घास के मैदान, घने जंगल और हरियाली से घिरा हुआ हुआ एक खूबसूरत स्थान है। इस जगह को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग भी माना जाता है। यहां स्थित चंद्रप्रभा वन्यजीव, चंद्रप्रभा बांध, देवदरी वॉटरफॉल, हेतमपुर फोर्ट और राजदारी वॉटरफॉल जैसी शानदार जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। यहां स्थित वॉटरफॉल की खूबसूरती मानसून में देखने लायक होती है।

दूरी- प्रयागराज से चंदौली की दूरी करीब 149 किमी है।