कहीं विशाल प्रतिमा तो कहीं शाही सजावट, भारत के इन गणेश उत्सवों की अलग पहचान

गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही पूरे भारत में एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है. सड़कें रंगीन पंडालों से सज जाती हैं, हर गली में संगीत और मंत्रों की गूंज सुनाई देती है और समुदाय एक साथ मिलकर जश्न मनाते हैं. महाराष्ट्र बेशक गणेशोत्सव की भव्य परंपरा का केंद्र है, लेकिन देश के अलग अलग हिस्सों में इस त्योहार का अपना अलग ही रंग देखने को मिलता है. मुंबई के अलावा देश की कई जगहें ऐसी हैं जहां के गणेश उत्सव की बात ही अलग होती है.यहां यात्री इस त्योहार के कई रूपों का अनुभव कर सकते हैं. इनमें सेलिब्रेशन में शामिल होने की बात ही अलग है. जानें कहां-कहां का गणेश चतुर्थी सेलिब्रेशन सबसे ज्यादा पॉपुलर है.

 

गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही पूरे भारत में एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है. सड़कें रंगीन पंडालों से सज जाती हैं, हर गली में संगीत और मंत्रों की गूंज सुनाई देती है और समुदाय एक साथ मिलकर जश्न मनाते हैं. महाराष्ट्र बेशक गणेशोत्सव की भव्य परंपरा का केंद्र है, लेकिन देश के अलग अलग हिस्सों में इस त्योहार का अपना अलग ही रंग देखने को मिलता है. मुंबई के अलावा देश की कई जगहें ऐसी हैं जहां के गणेश उत्सव की बात ही अलग होती है.यहां यात्री इस त्योहार के कई रूपों का अनुभव कर सकते हैं. इनमें सेलिब्रेशन में शामिल होने की बात ही अलग है. जानें कहां-कहां का गणेश चतुर्थी सेलिब्रेशन सबसे ज्यादा पॉपुलर है.

मुंबई के लालबागचा राजा
मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन किए बिना गणेश चतुर्थी का सफर अधूरा सा लगता है. सिद्धिविनायक मंदिर में आशीर्वाद लेना भी एक खास अनुभव है. 1934 में शुरू हुआ लालबागचा राजा अब मुंबई के गणेशोत्सव का पर्याय बन चुका है. देश भर से भक्त इस पूजनीय मूर्ति के दर्शन के लिए आते हैं. यात्रा करने वाले प्रभादेवी स्थित सिद्धिविनायक मंदिर भी जा सकते हैं. यह मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित गणेश मंदिरों में से एक है. शहर में यह एक आध्यात्मिक यात्रा का खास हिस्सा बन जाता है.

पुणे का पारंपरिक गणेशोत्सव
पुणे महाराष्ट्र की गणेशोत्सव संस्कृति की एक पारंपरिक झलक दिखाता है. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति इसके केंद्र में है. त्योहार के दौरान, आसपास की सड़कें उत्सव के रंग में रंग जाती हैं. भक्त दर्शन के लिए इकट्ठा होते हैं और शहर की ऐतिहासिक गणेशोत्सव परंपराएँ जीवंत हो उठती हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र के गणपतिपुले में आध्यात्मिकता और सुंदर दृश्यों का संगम है. यहाँ का प्रसिद्ध स्वयंभू गणपति मंदिर है, जहाँ प्राकृतिक रूप से बनी मूर्ति को भगवान गणेश का पवित्र रूप माना जाता है.

हैदराबाद और गोवा की अनोखी झलक
हैदराबाद में खैराबाद गणेश अपनी विशाल मूर्तियों और असाधारण पैमाने के लिए जाना जाता है. यह गणेश चतुर्थी में एक भव्य रूप जोड़ता है. समिति ने बताया कि 2026 के लिए 69 फीट ऊंची पंचमुखी संकटाहारा महा गणपति की मूर्ति बनाई जाएगी. मूर्ति का विशाल आकार और आसपास के उत्सवों की ऊर्जा इसे भारत के सबसे शानदार गणपति अनुभवों में से एक बनाती है.

आंध्र प्रदेश का कनिपकम
अगर आप आध्यात्मिक यात्रा चाहते हैं, तो आंध्र प्रदेश का कनिपकम एक अलग अनुभव देता है. यहाँ श्री वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर अपनी स्वयं प्रकट गणेश मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है. यह आंध्र प्रदेश के महत्वपूर्ण विनायक तीर्थस्थलों में से एक है.

गोवा का पॉपुलर सेलिब्रेशन
गोवा में गणेश चतुर्थी को स्थानीय रूप से ‘चोवथ’ कहते हैं. यह त्योहार परिवारों और समुदायों के बीच एक खास और व्यक्तिगत रूप लेता है. यहाँ बड़े सार्वजनिक पंडालों के बजाय, त्योहार पारिवारिक जीवन में गहराई से जुड़ा है. घरों को सजाया जाता है और पीढ़ियां एक साथ अनुष्ठानों, पारंपरिक भोजन और उत्सवों के लिए इकट्ठा होती हैं. ‘मटोली’ यहाँ की एक अनूठी परंपरा है. इसमें गणेश मूर्ति के ऊपर मौसमी फलों, सब्जियों और वन उत्पादों से बनी एक छत सजाई जाती है.