यूनेस्‍को की विश्व धरोहर बना सारनाथ, जानिए यहां घूमने की बेस्ट जगहें और गाइड

वाराणसी जाने वाले लोगों के ल‍िए सारनाथ पहले से ही खास जगह रहा है, लेक‍िन अब इसकी पहचान पूरी दुन‍िया में है। बीते 25 जुलाई 2026 को सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल को UNESCO की World Heritage List में शामिल किया गया है। इसके साथ भारत में यूनेस्‍को वर्ल्‍ड हेर‍िटेज साइट की संख्या 45 हो गई है।आपको बता दें क‍ि सारनाथ वही जगह है जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। हजारों साल पुरानी बौद्ध विरासत, स्तूप, पुराने अवशेष इसे घूमने के साथ-साथ इतिहास और धर्म को समझने के लिए भी खास बनाते हैं। अगर आप वाराणसी घूमने का प्लान बना रही हैं, तो इस बार सारनाथ को अपनी लिस्ट में जरूर रखें।

 

वाराणसी जाने वाले लोगों के ल‍िए सारनाथ पहले से ही खास जगह रहा है, लेक‍िन अब इसकी पहचान पूरी दुन‍िया में है। बीते 25 जुलाई 2026 को सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल को UNESCO की World Heritage List में शामिल किया गया है। इसके साथ भारत में यूनेस्‍को वर्ल्‍ड हेर‍िटेज साइट की संख्या 45 हो गई है।आपको बता दें क‍ि सारनाथ वही जगह है जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। हजारों साल पुरानी बौद्ध विरासत, स्तूप, पुराने अवशेष इसे घूमने के साथ-साथ इतिहास और धर्म को समझने के लिए भी खास बनाते हैं। अगर आप वाराणसी घूमने का प्लान बना रही हैं, तो इस बार सारनाथ को अपनी लिस्ट में जरूर रखें।

सारनाथ में ही भगवान बुद्ध ने द‍िया था अपना पहला उपदेश

सारनाथ वाराणसी के पास एक प्रमुख बौद्ध स्थल है। UNESCO के मुताबिक, माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने यहीं 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व में अपना पहला उपदेश दिया था और अपने शुरू के शिष्यों से भी मिले थे। बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के लिए यह दुनिया के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां कई पुराने स्तूप, मंदिर, विहार और पुरातात्विक अवशेष आज भी देखने को म‍िलते हैं।

सारनाथ में जरूर देखें धामेक स्तूप

सारनाथ घूमने जाएं तो धामेक स्तूप देखना न भूलें। यह सारनाथ की सबसे फेमस ऐतिहासिक स्मारक है। पूरा इलाका पुराने बौद्ध अवशेषों से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां घूमते हुए आपको जगह-जगह इतिहास की झलक भी देखने को मि‍लेगी।

चौंखंडी स्तूप भी घूमकर आएं

सारनाथ की ट्रिप में आप चौंखंडी स्तूप को भी शामिल कर सकती हैं। यह भी सारनाथ के पुराने बौद्ध स्थलों में से गिना जाता है। अगर आपको इतिहास और पुराने स्मारकों में दिलचस्पी है, तो यह जगह आपको जरूर पसंद आएगी। खास बात तो यह है क‍ि यह स्‍तूप चौकोर आकार में है।


सारनाथ म्यूजियम में देखें पुरानी चीजें

अगर आपको इतिहास को करीब से समझना है तो सारनाथ म्यूजियम भी जा सकती हैं। यहां सारनाथ और आसपास के इलाके से जुड़ी पुरानी मूर्तियां और पुरातात्विक चीजें देखने को मि‍लेंगी। म्यूजियम की मौजूदा जानकारी के मुताबिक, यह सुबह 10 बजे खुलता है और शाम 5 बजे तक खुला रहता है। शुक्रवार को यह बंद रहता है। इसल‍िए घूमने से पहले टाइमिंग एक बार चेक कर लें।

मूलगंध कुटी विहार में बिताएं थोड़ा समय

अगर आप भीड़-भाड़ से दूर कुछ समय शांति में बिताना चाहती हैं, तो मूलगंध कुटी विहार जा सकती हैं। यह सारनाथ का मेन बौद्ध मंदिर है और यहां आपको बहुत शांत‍ि म‍िलेगी। Incredible India में भी इस जगह को शाम‍िल क‍िया गया है।


सारनाथ के बाद जा सकती हैं रामनगर फोर्ट

अगर आपके पास थोड़ा ज्यादा समय है तो आप सारनाथ एक्‍सप्‍लोर करने के बाद रामनगर फोर्ट का प्लान भी बना सकती हैं। यह गंगा नदी के किनारे बना ऐतिहासिक किला है और इसका इत‍िहास 17वीं शताब्दी से है। यहां आपको वाराणसी की शाही इतिहास की झलक देखने को मिलेगी।

सारनाथ घूमने का आसान तरीका

सारनाथ घूमने के लिए एक दिन का समय काफी है। आप सुबह सारनाथ पहुंचकर पहले मेन पुरातात्विक इलाके में धामेक स्तूप और आसपास के पुराने अवशेष देख सकती हैं। इसके बाद म्यूजियम और मूलगंध कुटी विहार जा सकती हैं। अगर आपके पास समय बचे तो आसपास के दूसरे बौद्ध मंदिरों को भी एक्‍सप्‍लोर कर सकती हैं। वाराणसी से सारनाथ जाने के लिए आपको कई ऑप्‍शन म‍िल जाएंगे। कैब, टैक्‍सी या बस से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता ह‍ै।