रक्षाबंधन 2026 पर भाई-बहन के इस मंदिर के करें दर्शन, जानें यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी

राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसा मंदिर स्थित है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है। यह मंदिर मां जीण भवानी को समर्पित है। रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ आप यहां दर्शन के लिए आ सकती हैं। मंदिर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है और यहां मां जीण माता के साथ उनके भाई हर्ष की भी पूजा होती है। अगर आप पहली बार यहां आ रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको मंदिर पहंचने से जुड़ी जरूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे।

 

राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसा मंदिर स्थित है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है। यह मंदिर मां जीण भवानी को समर्पित है। रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ आप यहां दर्शन के लिए आ सकती हैं। मंदिर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है और यहां मां जीण माता के साथ उनके भाई हर्ष की भी पूजा होती है। अगर आप पहली बार यहां आ रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको मंदिर पहंचने से जुड़ी जरूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे।

राजस्थान में कहां स्थित है भाई-बहन को समर्पित जीण माता का मंदिर?

यह मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के जीणमाता गांव में स्थित है। यहां मुख्य रूप से जीण माता की पूजा होती है। राखी के समय आपको यहां थोड़ी ज्यादा भीड़ देखने को मिल सकती है, इसलिए समय का ध्यान रखें।

कैसे पहुंचे?

सीकर शहर से यहां पहुंचने में आपको लगभग 29 किमी की दूरी तय करनी होती है। अगर आप जयपुर से आ रही हैं, तो लगभग 110 किमी का सफर तय करना होगा। जयपुर से पहुंचने में लगभग 3 घंटे का समय लग जाता है।
जो भाई-बहन दूसरे शहरों से यहां आने का प्लान कर रहे हैं, वह ट्रेन से आ सकते हैं। इसके लिए पहले आपको रींगस जंक्शन (Ringas Junction) तक ट्रेन टिकट बुक करनी होगी।
इसके अलावा सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर एयरपोर्ट है, यहां से भी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचा जा सकता है।


जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए बस की क्या सुविधा है?

राजस्थान के सीकर जिले से मंदिर के लिए आपको बस मिल सकती है। इसके अलावा आस-पास के शहरों से भी सीकर जिले के लिए सीधी बस चलती है।
अगर आप जयपुर या रींगस जंक्शन से मंदिर आ रही हैं, तो जीण माता के लिए सीधी बसें कम मिलेंगी।
जयपुर से आप सीकर के लिए पहले बस लें, इसके बाद सीकर पहुंचकर जीण माता मंदिर के लिए शेयरिंग टैक्सी या ऑटो बुक कर लें।

निष्कर्ष -भाई-बहन के रिश्ते से जुड़े राजस्थान के इस मंदिर में रक्षाबंधन पर भीड़ थोड़ी ज्यादा होती है। आप किसी भी साधन से जा रहे हैं, तो समय का ध्यान रखें। मंदिर पहाड़ी पर स्थित है, इसलिए जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 200 से 300 मीटर पैदल चलना पड़ता है। इसमें रास्ते में करीब 200 सीढ़ियां मिल जाएंगी। चढ़ाई में आपको आधे घंटे का समय लग जाएगा।