मानसून में महाराष्ट्र घूमना है बेस्ट, यहां के इन खूबसूरत झरनों का कर आएं दीदार
देश के कई हिस्सों में इन दिनों मानसून का मौसम बना हुआ है. बारिश शुरू होते ही महाराष्ट्र की प्राकृतिक खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. पहाड़ियां हरियाली की चादर ओढ़ लेती हैं, नदियों में पानी का बहाव तेज हो जाता है और कई मौसमी व स्थायी झरने अपने पूरे फ्लो के साथ बहने लगते हैं. यही वजह है कि हर साल मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक महाराष्ट्र का रुख करते हैं. यहां का ठंडा मौसम और प्राकृतिक नजारे लोगों को सुकून का एहसास कराते हैं.
देश के कई हिस्सों में इन दिनों मानसून का मौसम बना हुआ है. बारिश शुरू होते ही महाराष्ट्र की प्राकृतिक खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. पहाड़ियां हरियाली की चादर ओढ़ लेती हैं, नदियों में पानी का बहाव तेज हो जाता है और कई मौसमी व स्थायी झरने अपने पूरे फ्लो के साथ बहने लगते हैं. यही वजह है कि हर साल मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक महाराष्ट्र का रुख करते हैं. यहां का ठंडा मौसम और प्राकृतिक नजारे लोगों को सुकून का एहसास कराते हैं.
मानसून के दौरान लगातार होने वाली बारिश से झरनों में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे उनका दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है. चारों ओर फैली हरियाली, बादलों से ढके पहाड़ और पानी की तेज धार प्रकृति प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बनाती है. यही कारण है कि इस मौसम को महाराष्ट्र के झरनों को करीब से देखने का सबसे अच्छा समय माना जाता है. आइए जानते हैं कि मानसून में महाराष्ट्र के कौन-कौन से खूबसूरत झरनों का दीदार किया जा सकता है, वहां पहुंचने का सही समय क्या है और यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.मानसून में महाराष्ट्र के इन 5 खूबसूरत झरनों का जरूर करें दीदार-
थोजेघर वॉटरफॉल (सतारा जिला)
सतारा जिले में स्थित थोजेघर वॉटरफॉल महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध झरनों में गिना जाता है. मानसून के दौरान इसकी ऊंची जलधारा और आसपास फैली हरियाली इसे बेहद आकर्षक बना देती है. यहां से घाटियों और पहाड़ियों का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलता है, जो प्रकृति प्रेमियों को खूब पसंद आता है.
देवकुंड वॉटरफॉल (रायगढ़ जिला)
रायगढ़ जिले के भिरा गांव के पास स्थित देवकुंड वॉटरफॉल अपने साफ और फ़िरोज़ी रंग के पानी के लिए जाना जाता है. यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेक करना पड़ता है, इसलिए एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के बीच यह काफी लोकप्रिय है. मानसून में इसकी प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है.
रंधा फॉल्स (अहिल्यानगर/अहमदनगर जिला)
अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) जिले में भंडारदरा के पास स्थित रंधा फॉल्स प्रवरा नदी पर बना एक प्रसिद्ध झरना है. बारिश के मौसम में इसका पानी तेज बहाव के साथ नीचे गिरता है, जो देखने में बेहद आकर्षक लगता है. आसपास की पहाड़ियां और हरियाली इसकी सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं.
कुने फॉल्स (लोनावला, पुणे जिला)
पुणे जिले के लोनावला में स्थित कुने फॉल्स तीन स्तरों में गिरने वाला खूबसूरत झरना है. चारों ओर हरियाली और पहाड़ियों से घिरा यह स्थान मानसून में बेहद मनमोहक दिखाई देता है. मुंबई और पुणे से इसकी आसान पहुंच इसे वीकेंड ट्रिप के लिए भी लोकप्रिय बनाती है.
लिंगमाला वॉटरफॉल (महाबलेश्वर, सतारा जिला)
महाबलेश्वर के पास स्थित लिंगमाला वॉटरफॉल मानसून के मौसम में सबसे ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करता है. ऊंचाई से गिरता पानी और आसपास का घना जंगल इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है. यहां एक व्यू पॉइंट भी है, जहां से झरने का शानदार दृश्य देखा जा सकता है.
इन झरनों तक कैसे पहुंचें और घूमने का सही समय क्या है?
महाराष्ट्र के इन झरनों तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है. लोनावला, महाबलेश्वर, सतारा, रायगढ़ और भंडारदरा जैसे स्थान प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं. नजदीकी रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से टैक्सी और स्थानीय वाहन आसानी से मिल जाते हैं.
इन झरनों को देखने का सबसे अच्छा समय जुलाई से सितंबर के बीच माना जाता है, जब बारिश की वजह से इनमें भरपूर पानी रहता है और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है.
मानसून में झरनों पर घूमने जाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
बारिश के मौसम में फिसलन अधिक होती है, इसलिए अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनें. तेज बहाव वाले पानी में उतरने या किनारों पर जाने से बचें. मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं.
मोबाइल, कैमरा और जरूरी सामान को वाटरप्रूफ बैग में रखें. प्रशासन द्वारा लगाए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, ताकि प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे.