लखनऊ का इकलौता मंदिर, जहां एक ही शिवलिंग पर विराजमान है पूरा शिव परिवार

लखनऊ के मोहनलालगंज में स्थित काशीश्वर महादेव मंदिर अपनी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थापित लगभग 4 फीट ऊंचे शिवलिंग में ही पूरा शिव परिवार विराजमान माना जाता है। इस शिवलिंग पर प्राकृतिक रूप से बनी लाल धारियों और आकृतियों में माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की छवि साफ दिखाई देती है। इसे साल 1860 में राजा काशी प्रसाद द्वारा बनवाया गया था। नीचे लेख में जानें इस मंदिर की खासियत क्या है? साथ ही जानें यहां कैसे पहुंचे?

 

लखनऊ के मोहनलालगंज में स्थित काशीश्वर महादेव मंदिर अपनी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थापित लगभग 4 फीट ऊंचे शिवलिंग में ही पूरा शिव परिवार विराजमान माना जाता है। इस शिवलिंग पर प्राकृतिक रूप से बनी लाल धारियों और आकृतियों में माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की छवि साफ दिखाई देती है। इसे साल 1860 में राजा काशी प्रसाद द्वारा बनवाया गया था। नीचे लेख में जानें इस मंदिर की खासियत क्या है? साथ ही जानें यहां कैसे पहुंचे?

काशीश्वर महादेव मंदिर का इतिहास

इस मंदिर का निर्माण 1860 में राजा काशी प्रसाद ने करवाया था और उन्हीं के नाम पर इसका नाम काशीश्वर महादेव पड़ा। यह मंदिर भारतीय स्थापत्य कला और लखनवी नवाबी वास्तुकला के आधार पर बना है। इसमें अष्टकोणीय मतलब 8 कोनों वाली संरचना है। साथ ही इसके चारों ओर आठ छोटे शिवालय बने हुए हैं।इस मंदिर का शिखर इतना ऊंचा है कि इसे कई किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता है। काशीश्वर महादेव प्राचीन मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्थल है।

शिवलिंग पर विराजमान है पूरा परिवार

मोहनलालगंज के स्थानीय निवासी रोहित गोस्वामी ने बताया कि शिवलिंग में माता पार्वती, भगवान गणेश व कार्तिकेय की छवि है। शिवलिंग पर बनी लाल धारियों को शिव परिवार की छवि माना जाता है। वहीं इसके अलावा गर्भग्रह में गणेश, मां दुर्गा, सूर्य देव व विष्णु भगवान की मूर्तियां विराजमान हैं।जबकि नंदी महाराज गर्भग्रह के बाहर बैठे हैं। इसके इतर उन्होनें बताया कि गांव के अधिकतर लोग रोजाना बाबा के दर्शन के बाद दिनचर्या की शुरूआत करते हैं।

काशीश्वर महादेव मंदिर खुलने और आरती का समय

मंदिर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ लगती है। प्रतिदिन शाम को डमरू, नगाड़ों और मंजीरों की थाप पर बाबा का भव्य शृंगार और महाआरती की जाती है। इसके अलावा वह मंदिर के बारे में बताते हुए कहते हैं कि मंदिर का शिखर इतना ऊंचा है, कि पांच किलोमीटर दूर से यह नजर आता है।

काशीश्वर महादेव मंदिर कैसे पहुंचे?

अगर आप इस सावन काशीश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करना चाहती हैं, तो आपको लखनऊ चारबाग स्टेशन या रायबरेली स्टेशन आना होगा। यहां से जानें पहुंचने मोहनलालगंज पहुंचने का तरीका-


लखनऊ चारबाग स्टेशन से मोहनलालगंज की दूरी 25-30 किलोमीटर है। चारबाग से आटो रिक्शा या बस लेकर यहां पहुंच सकती हैं।
रायबरेली स्टेशन से मोहनलालगंज की दूरी 58 किलोमीटर के आस-पास है। यहां आप आटो रिक्शा या बस लेकर पहुंच सकती हैं।
मोहनलालगंज मेन रोड से मंदिर की दूरी 740 मीटर है, जहां आप पैदल या वाहन से कुछ मिनट में पहुंच सकती हैं।