June Travel Tips: दिल्ली से ज्यादा दूर नहीं है बादलों का देश, वीकेंड पर प्लान कर सकती हैं ट्रिप
हम सभी को घूमने फिरने का बहुत शौक होता है। हमें जैसे ही छुट्टियां मिलती हैं, हम बैग पैक करते हैं और घूमने के लिए निकल जाते हैं। गर्मियों में जब भी घूमने की बात आती है तो हम पहाड़ों पर ही जाना पसंद करते हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऐसी जगहें हैं जहां जाना लोगों को खूब पसंद होता है। उत्तराखंड की बात करें तो नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश, तुंगनाथ जैसी जगहें तो ट्रैवल लिस्ट में नंबर वन पर रहती हैं।
लेकिन यहां एक ऐसी जगह भी है जिसे बादलों का देश कहा जाता है। यहां की खूबसूरती ऐसी है कि ये लोगों का मन मोह लेती है। ऐसे में अगर आप जून की गर्मी और दिल्ली की भागदौड़ से थोड़ी देर के लिए राहत पाना चाहती हैं तो आप वीकेंड पर बादलों के देश जा सकती हैं। हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-
कहां है बादलों का देश?
उत्तराखंड के लैंसडाउन को ही बादलों का देश कहा जाता है। इसका नाम पहले कालौं का डांडा था। ये एक गढ़वाली भाषा हैं। इसका मतलब काले बादलों से घिरा पहाड़ है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 1,700 मीटर (5,686 फीट) है। खास बात तो ये है कि ये जगह दिल्ली से लैंसडाउन की दूरी 258 किलोमीटर है। यानी कि अगर आप फ्राइडे ऑफिस करके शाम में निकलेंगी तो आराम से 5 से 6 घंटे में पहुंच जाएंगी।
क्यों खास है लैंसडाउन?
लैंसडाउन उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। ये एक बेहद ही खूबसूरत हिल स्टेशन है। जैसा कि इसके नाम से ही मालूम पड़ता है कि बादलों का देश होने के नाते यहां पहाड़ों के बीच बादल तैरते हुए नजर आते हैं। साथ ही ये जगह देवदार के घने पेड़ों से घिरी हुई है। तो अगर आप शोर-शराबे से दूर कुछ समय के लिए सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं तो ये जगह आपके लिए बेस्ट है।
बादलों के बीच घूमने का अलग ही मजा
लैंसडाउन की सबसे खास बात यहां का मौसम है। खासकर जून-जुलाई के मौसम में बादल काफी नीचे तक नजर आते हैं। कई बार ऐसा लगता है जैसे बादल सड़क और पहाड़ों के बीच ही घूम रहे हों।
लैंसडाउन में घूमने लायक जगहें
लैंसडाउन में कई ऐसी जगहें हैं, जहां आप घूमने के लिए जा सकती हैं-
टिप-इन-टॉप व्यू पॉइंट
भीम पकोड़ा
सेंट जॉन चर्च
भुल्ला ताल
कालागढ़ वाइल्डलाइफ एरिया के आसपास का इलाका
इन जगहों पर लोग फोटो लेना और नेचर के बीच समय बिताना काफी पसंद करते हैं।
खाने का स्वाद भी कर सकता है खुश
लैंसडाउन में छोटे कैफे और लोकल खाने की दुकानें भी लोगों को काफी पसंद आती हैं। आप यहां पर चाय और पहाड़ी स्नैक्स का मजा ले सकती हैं। कई लोग तो सुबह-सुबह मैगी और चाय के साथ पहाड़ों का नजारा एंजॉय करने भी जाते हैं।
लैंसडाउन कैसे पहुंचें?
अगर आप लैंसडाउन जा रही हैं तो आप प्राइवेट या अपनी कार से भी जा सकती हैं। इसके लिए आपको 6 से 7 घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा ट्रेने से भी जाना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए आपको दिल्ली से कोटद्वार के लिए डायरेक्ट ट्रेन मिल जाएगी। यहां से आप टैक्सी या कैब लेकर लैंसडाउन जा सकती हैं।