सुबह के नाश्ते में ट्राई करें मूली और चावल की पूड़ी, नीचे पढ़ें इसे बनाने की आसान रेसिपी
सर्दियों के मौसम में गरमा-गरम पूड़ियां और पराठे खाने का अपना एक अलग ही मजा होता है। आमतौर पर लोग गेहूं के आटे से बनी पूड़ियां ही बनाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी मूली और चावल के आटे की पूड़ी ट्राई की है? अगर नहीं, तो एक बार इसे बनाकर जरूर बनाएं। बता दें कि यह न केवल स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि बहुत ही कुरकुरी और पौष्टिक भी होती है। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे बनाएं मूली और चावल की पूड़ी कैसे बनाएं?
सर्दियों के मौसम में गरमा-गरम पूड़ियां और पराठे खाने का अपना एक अलग ही मजा होता है। आमतौर पर लोग गेहूं के आटे से बनी पूड़ियां ही बनाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी मूली और चावल के आटे की पूड़ी ट्राई की है? अगर नहीं, तो एक बार इसे बनाकर जरूर बनाएं। बता दें कि यह न केवल स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि बहुत ही कुरकुरी और पौष्टिक भी होती है। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे बनाएं मूली और चावल की पूड़ी कैसे बनाएं?
सामग्री
चावल का आटा- 2 कप
मूली- 1 मध्यम आकार की कद्दूकस की हुई
अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट-1 चम्मच
हरा धनिया-बारीक कटा हुआ
अजवायन
लाल मिर्च पाउडर
हल्दी
नमक
तलने के लिए और मोयन के लिए
मूली और चावल की पूड़ी कैसे बनाएं?
सबसे पहले मूली को अच्छी तरह धोकर छील लें और उसे बारीक वाले कद्दूकस से कस लें। अब एक बड़े बर्तन में चावल का आटा लें।इसमें बाद कद्दूकस की हुई मूली, बारीक कटा हरा धनिया, अदरक-मिर्च का पेस्ट, अजवाइन, थोड़ी सी हल्दी, लाल मिर्च और नमक डालें।इसके बाद इसमें एक छोटा चम्मच तेल डालकर अच्छे से मिक्स कर आटे को गूंथने के बाद 5-10 मिनट के लिए ढककर रख दें।अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़कर चकले पर थोड़ा सा तेल लगाकर हल्के हाथों से छोटी-छोटी पूड़ियां बेल लें।अगर पूड़ियां किनारे से फट रही हों, तो आप किसी कटोरी की मदद से उन्हें गोल काट सकते हैं।जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए, तो पूड़ी डालकर लो फ्लमे पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें।अब गरमा-गरम मूली और चावल की पूड़ियों को हरी धनिये की चटनी, आम के अचार या दही के साथ परोसें।
पूड़ी बनाते समय ध्यान रखें ये बातें
मूली कद्दूकस करने के बाद काफी पानी छोड़ती है। इसलिए आटे में पानी डालने से पहले मूली और मसालों को अच्छी तरह मिला लें।आटा गूंथने के लिए हमेशा हल्के गरम पानी का इस्तेमाल करें।पूड़ियों को गेहूं की पूड़ियों की तरह जोर लगाकर न बेलें।तलते समय तेल अच्छी तरह गरम होना चाहिए।