वजन घटाने के लिए अब चावल छोड़ने की नहीं पड़ेगी जरूरत, बस डाइट में शामिल करें ये हेल्दी विकल्प

भारतीयों का प्रमुख भोजन दाल-चावल है। वे अपनी खाने की थाली चावल के बिना कल्पना भी नहीं कर सकते। ऐसे में चावल छोड़ने की सलाह उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। भारत में अधिकांश सफेद चावल की खपत होती है। दरअसल, सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 से 90 के बीच होता है और इसे खाने से वजन भी तेजी से बढ़ता है। यही नहीं, इससे टाइप 2 डायबिटीज और कोलेस्ट्राल होने का खतरा भी बढ़ जाता है। दरअसल, सफेद चावल पालिश करने के दौरान उसमें से चोकर निकल जाता है जिसकी वजह से उसके सारे पोषक तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। इसके साथ ही सफेद चावल में विटामिन, खनिज और मिनरल्स कम मात्रा में होते हैं, लेकिन कार्ब्स और कैलोरी काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए सफेद चावल से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

 

भारतीयों का प्रमुख भोजन दाल-चावल है। वे अपनी खाने की थाली चावल के बिना कल्पना भी नहीं कर सकते। ऐसे में चावल छोड़ने की सलाह उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। भारत में अधिकांश सफेद चावल की खपत होती है। दरअसल, सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 से 90 के बीच होता है और इसे खाने से वजन भी तेजी से बढ़ता है। यही नहीं, इससे टाइप 2 डायबिटीज और कोलेस्ट्राल होने का खतरा भी बढ़ जाता है। दरअसल, सफेद चावल पालिश करने के दौरान उसमें से चोकर निकल जाता है जिसकी वजह से उसके सारे पोषक तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। इसके साथ ही सफेद चावल में विटामिन, खनिज और मिनरल्स कम मात्रा में होते हैं, लेकिन कार्ब्स और कैलोरी काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए सफेद चावल से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

'केवल कच्चे चावल में ही नहीं बल्कि उन्हें पकाने की प्रक्रिया पर भी जीआई और जीएल काफी निर्भर करता है। जैसे अगर चावल पकाने से पहले उसे भिगोने और धोने से जीआई कम होता है, वैसे ही चावल पकाते वक्त उसमें नींबू का रस डालने से भी जीआई कम होता है। छोटे चावल में जीआई ज्यादा होता है। उपरोक्त चावल के अलावा व्रत में खाए जाने वाले सामक के चावल में काफी मात्रा में प्रोटीन और फाइबर मौजूद है, ये काफी हल्के होते हैं और पाचन में सुधार लाते हैं और ग्लुटन फ्री भी होते हैं।'

क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ब्राउन राइस को स्वस्थ और पोषण से भरपूर बताया गया है। संगठन का कहना है कि चावल से बेहतर विकल्प साबुत अनाज है और अगर आप चावल का सेवन करना चाहते हैं तो उसकी मात्रा सीमित करें। खासकर जो चावल पालिश करके बनाए जाते हैं उनसे परहेज करना जरूरी है।

चावल के दूसरे विकल्प

ब्राउन राइस- यह एक संपूर्ण अनाज है, जो अपनी भूसी और रोगाणु को बरकरार रखता है। इससे फाइबर, विटामिन और खनिजों का एक अच्छा स्रोत बनता है। ब्राउन राइस में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने की वजह से ब्लड शुगर नहीं बढ़ता। यह चावल जल्दी हजम हो जाता है और काफी देर तक पेट भरा रहता है।ब्राउन राइस बनाने से पहले काफी देर पानी में भिगोकर रखना पड़ता है। उसके बाद सफेद चावल की तरह कुकर में सारी सब्जियां देकर उबाला जाता है।

कैसे बनाएं

क्विनोआ- क्विनोआ में प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाई जाती है। इसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे अन्य पोषक तत्व भी उच्च मात्रा में होते हैं। क्विनोआ में हल्का पौष्टिक स्वाद होता है।इस चावल के साथ सलाद, सूप ले सकते हैं। चावल बनने के बाद उसके पानी को अच्छी तरह से निकाल लें ताकि उसका कड़वापन चला जाए।

फूलगोभी चावल- फूलगोभी चावल सफेद चावल के बदले कम कार्ब, कम कैलोरी वाला एक बेहतरीन विकल्प है। फूलगोभी का कस निकालकर चावल में मिला लें। फूलगोभी चावल फाइबर और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। यह चावल सफेद चावल का बेहतरीन विकल्प है। ग्लुटन फ्री होने की वजह से इस चावल से मोटापा नहीं बढ़ता। गोभी चावल में और कोई सब्जी देने की आवश्यकता नहीं है।

शिरातकी चावल- शिरातकी चावल में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन होता है। चमत्कारी चावल के नाम से परिचित ये चावल एशिया के कुछ हिस्सों में ही पैदा होता है। शिरातकी चावल और नूडल्स न केवल कैलोरी, सोया और ग्लूटन मुक्त हैं, बल्कि इनमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में है। इसके अलावा, आप इसे किसी भी रेसिपी में इस्तेमाल कर सकते हैं वजन घटाने में इस चावल का मुख्य योगदान है। चावल उबालने के बाद इसके पानी को अच्छी तरह से निकाल दें ताकि इसमें कोई दुर्गंध ना रहे।

लाल चावल: यह चावल फाइबर और एंटी-आक्सीडेंट्स से भरपूर है। इसमें मौजूद उच्च एंथोसायनिन सामग्री के कारण इसका रंग लाल होता है, वजन घटाने के लिए यह चावल सबसे बेहतरीन विकल्प है। यह खाने से पाचन में सुधार होता है।

काला चावल: काले चावल को सुपरफूड कहा जाता है। काला चावल फाइबर, प्रोटीन और शक्तिशाली एंटी-आक्सीडेंट्स से भरपूर है। यह चावल मांसपेशियों के संरक्षण में मदद करता है। इसमें सफेद चावल की तुलना में कम कैलोरी होती है। इसे दाल, सब्जियों के साथ मिलाएं या डिटाक्स राइस बाउल के रूप में खाएं।

कूसकूस:कूसकूस साबुत गेहूं के आटे से बनता है, यह चावल बनने में समय लेता है। इसके अलावा बुलगुर, ओरज़ो और फारो ये सभी गेहूं आधारित अनाज हैं जो चावल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।