क्या रात में लेट सोने से हार्मोन, भूख और मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है असर? एक्सपर्ट से जानें
हेल्दी रहने के लिए खानपान से रूटीन तक का सही होना बेहद जरूरी होता है. फिजिकल एक्टिविटी के साथ ही शरीर को पर्याप्त आराम की जरूरत होती है. इसके लिए जरूरी है कि आप सही समय पर सोएं और 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें. हालांकि मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग काम से लेकर पार्टी और फोन चलाते रहने तक, जैसी वजहों से देर रात तक जागते रहते हैं. इस वजह से उनका मॉर्निंग रूटीन भी खराब हो जाता है. इसका असर सिर्फ इतना ही नहीं है, बल्कि आपके हार्मोन से लेकर भूख तक, प्रभावित होती है और मोटापे का खतरा भी बढ़ सकता है.रात में आपको भी अगर 12-1 बजे तक जागते रहने की आदत है तो इसमें सुधार करना बेहद जरूरी है. सही नींद न लेने से मानसिक के साथ ही शारीरिक स्वास्थ भी खराब होता है. चलिए एक्सपर्ट से जान लेते हैं कि अगर रोजाना रात को देर तक जागते हैं तो इसके क्या इफेक्ट होते हैं.
हेल्दी रहने के लिए खानपान से रूटीन तक का सही होना बेहद जरूरी होता है. फिजिकल एक्टिविटी के साथ ही शरीर को पर्याप्त आराम की जरूरत होती है. इसके लिए जरूरी है कि आप सही समय पर सोएं और 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें. हालांकि मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग काम से लेकर पार्टी और फोन चलाते रहने तक, जैसी वजहों से देर रात तक जागते रहते हैं. इस वजह से उनका मॉर्निंग रूटीन भी खराब हो जाता है. इसका असर सिर्फ इतना ही नहीं है, बल्कि आपके हार्मोन से लेकर भूख तक, प्रभावित होती है और मोटापे का खतरा भी बढ़ सकता है.रात में आपको भी अगर 12-1 बजे तक जागते रहने की आदत है तो इसमें सुधार करना बेहद जरूरी है. सही नींद न लेने से मानसिक के साथ ही शारीरिक स्वास्थ भी खराब होता है. चलिए एक्सपर्ट से जान लेते हैं कि अगर रोजाना रात को देर तक जागते हैं तो इसके क्या इफेक्ट होते हैं.
देर तक जागना और आपकी सेहत
रात में देर से सोते हैं तो धीरे-धीरे ये आदत बन जाती है और स्लीप पैटर्न बिगड़ जाता है. इससे नींद पर ही नहीं बल्कि भूख, हार्मोन और मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित हो सकता है. जब मेटाबॉलिज्म स्लो होता है तो वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है. दरअसल हमारा शरीर को बायोलॉजिकल क्लॉक के मुताबिक काम करता है. ये हमारी नींद, भूख और एनर्जी के इस्तेमाल को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है.
हार्मोन हो सकते हैं इंबैलेंस
एक्सपर्ट कहते हैं कि जब हम देर रात तक जागते रहते हैं या रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो भूख और पेट भरने का एहसास कराने वाले हार्मोन इंबैलेंस हो सकते हैं. इससे अनियमित खानपान बढ़ सकता है. इसके अलावा जब आप देर रात तक जागते हैं तो कुछ खाने की इच्छा होना और मीठा खाने की क्रेविंग भी होने लगती है.
इंसुलिन रजिस्टेंस की संभावना
देर रात तक जागते रहने की आदत के कारण न सिर्फ हार्मोन डिस्टर्ब होते हैं, बल्कि आपके खानपान की आदतों में भी बदलाव आता है. जब आप देर रात खाते हैं या रात में मीठा खा लेते हैं और ऐसा अगर लंबे समय तक हो तो इंसुलिन संवेदनशीलता (रजिस्टेंस) और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है.
अपने रूटीन को रखें सही
एक्सपर्ट कहते हैं कि स्वस्थ मेटाबॉलिज्म के लिए ये जरूरी है कि संतुलित खानपान अपनाएं. इसी के साथ शारीरिक गतिविधि भी करना आवश्यक होता है और साथ-साथ 7 से 9 घंटे की पर्याप्त नींद सें. ये भी जरूरी है कि सोने-जागने का नियमित समय बनाए रखें.