दिवाली पर कहीं आप तो नहीं खरीद रहे मिलावटी मिठाई? इन आसान टिप्स से तुरंत पहचानें असली क्वालिटी

दिवाली पर घर में मिठाई न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। कोई मेहमानों के लिए मिठाई खरीदता है, तो कोई पूजा के बाद बांटने के लिए। बाजार में इस दौरान मिठाइयों की ढेरों वैरायटी भी मिलने लगती हैं, लेकिन इतनी सारी मिठाइयों के बीच एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है और वह है उनकी क्वालिटी। कई बार मिठाई देखने में अच्छी लगती है, लेकिन उसमें इस्तेमाल हुआ खोया, चांदी का वर्क या दूसरी चीजें अच्छी क्वालिटी की नहीं होती हैं।

 

दिवाली पर घर में मिठाई न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। कोई मेहमानों के लिए मिठाई खरीदता है, तो कोई पूजा के बाद बांटने के लिए। बाजार में इस दौरान मिठाइयों की ढेरों वैरायटी भी मिलने लगती हैं, लेकिन इतनी सारी मिठाइयों के बीच एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है और वह है उनकी क्वालिटी। कई बार मिठाई देखने में अच्छी लगती है, लेकिन उसमें इस्तेमाल हुआ खोया, चांदी का वर्क या दूसरी चीजें अच्छी क्वालिटी की नहीं होती हैं।

म‍िलावटी म‍िठाई की पहचान कैसे करें?

हम आपको ब‍ता रहे हैं क‍ि द‍िवाली की मिठाई लेते समय किन बातों को देखना चाहिए और घर पर कौन-से टेस्ट करके आप म‍िठाई की क्‍वाल‍िटी पता कर सकती हैं?

मिठाई का रंग और खुशबू जरूर देखें
मिठाई खरीदते समय सबसे पहले उसका कलर और खुशबू देखें। अगर मिठाई का रंग बहुत ज्यादा अलग या अजीब लग रहा है, तो उसे खरीदने से पहले दुकानदार से जानकारी ले लें। इसी तरह अगर मिठाई से अजीब या खराब गंध आ रही है, तो उसे न खरीदें।
मिठाई का रंग देखकर ही उसे अच्छी क्वालिटी का न मान लें।
उसकी खुशबू पर भी ध्यान दें।
अगर मिठाई का रंग, गंध या बनावट नॉर्मल से अलग लगे, तो उसे न खरीदें।

चांदी के वर्क वाली मिठाई खरीदते समय रहें सावधान
आप जानती होंगी क‍ि काजू कतली, बर्फी और कई दूसरी मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगा होता है, लेकिन कभी-कभी असली चांदी की जगह एल्युमिनियम की पतली शीट भी इस्‍तेमाल की जाती हैं। इसके ल‍िए आप वर्क को उंगलियों के बीच मसलकर देख सकती हैं। असली चांदी का वर्क आसानी से पाउडर जैसा हो जाता है, जबकि एल्युमिनियम के टुकड़े छोटे-छोटे हिस्सों में टूटते हैं।

खोया और दूध से बनी मिठाई की क्वालिटी पर दें ध्यान
दिवाली पर पेड़ा, बर्फी, मिल्क केक और कलाकंद जैसी मिठाइयां खूब खरीदी जाती हैं। इनमें दूध और खोया जैसी चीजों का इस्तेमाल होता है। इसलिए इन्हें लेते समय इनकी फ्रेशनेस पर ध्यान देना जरूरी है।
मिठाई बहुत ज्यादा ड्राई या अजीब तरह से चिपचिपी लगे, तो सावधान रहें।
म‍िठाई से खट्टी या खराब गंध आए, तो उसे न खरीदें।
दुकान पर मिठाइयां साफ जगह और साफ ट्रे में रखी हों, यह भी देखें।

 

आयोडीन से कर सकती हैं स्टार्च की जांच
खोया या उससे बनी कुछ मिठाइयों में स्टार्च की मिलावट की जांच घर पर भी आप कर सकती हैं। इसके लिए आयोडीन सॉल्यूशन का इस्तेमाल करना होता है। इसके ल‍िए-
थोड़ा सा मिठाई लेकर पानी में उबालें।
मिश्रण को ठंडा होने दें।
अब इसमें आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें।
अगर मिश्रण नीला या बैंगनी हो जाता है, तो इसका मतलब उसमें स्टार्च है।

मिठाई खरीदते समय बिल और पैकिंग भी देखें
सिर्फ देखकर ही मिठाई की क्वालिटी का पूरा पता नहीं लगाया जा सकता है। इसलिए दुकान और पैकिंग से जुड़ी बातें भी देखना जरूरी है।
पैक्‍ड मिठाई खरीद रही हैं, तो उस पर Mfg और एक्‍सपायरी डेट भी देखें।
पैकेट पर सामान बनाने में इस्तेमाल हुई चीजों की जानकारी देखें।
पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर देखें।
बहुत कम कीमत में मिल रही मिठाई को देखकर तुरंत न खरीदें।
हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकान से मिठाई लें।