किसान सम्मान निधि की वेबसाइट सुस्त, ई-केवाईसी कराने में मुश्किल, महज छह दिन शेष

किसान सम्मान निधि के लिए अब ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लाभार्थियों के आधार से मोबाइल नंबर लिंक होगा, उन्हीं के खाते में पैसा जाएगा। इसके लिए 31 मार्च तक समयसीमा तय की गई है। ई-केवाईसी कराने के लिए आधार सेंटरों व सहज जनसेवा केंद्रों पर भीड़ उमड़ रही है। हालांकि वेबसाइट सुस्त होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा।
 

चंदौली। किसान सम्मान निधि के लिए अब ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लाभार्थियों के आधार से मोबाइल नंबर लिंक होगा, उन्हीं के खाते में पैसा जाएगा। इसके लिए 31 मार्च तक समयसीमा तय की गई है। ई-केवाईसी कराने के लिए आधार सेंटरों व सहज जनसेवा केंद्रों पर भीड़ उमड़ रही है। हालांकि वेबसाइट सुस्त होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा। ई-केवाईसी लिंक खोलकर प्रक्रिया पूरी करने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। ओटीपी भेजने के लिए कई बार प्रयास करना पड़ रहा है। कई प्रयास के बाद ई-केवाईसी अपडेट हो रही। 


मोबाइल लिंक होने से अपात्रों को चिह्नित करना आसान 
किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अपात्रों को मिल रहा है। नौकरी पेशा व ऐसे लोगों के खाते में भी पैसा पहुंच जाता है, जिनका ग्राम-पता सही नहीं। कृषि विभाग की ओर से संदेहास्पद डेटा के आधार पर अपात्रों को चिह्नित कर उनका नाम लाभार्थियों की सूची से हटवाने की कार्रवाई की जाती है। हालांकि, अभी भी काफी संख्या में अपात्र इसका लाभ ले रहे हैं। खाते में ई-केवाई व मोबाइल आधार से लिंक होने के बाद अपात्रों को चिह्नित करना और आसान हो जाएगा। ऐसे लोगों को योजना के लाभ से वंचित रखा जाएगा। 

अप्रैल में आएगी अगली किस्त 
अप्रैल में किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की अगली किस्त आएगी। पीएम एक साथ बटन दबाकर देश भर के किसानों के खाते में पैसा भेजेंगे। जिले में लगभग 2.10 लाख किसानों को योजना का लाभ मिलता है। अन्नदाताओं को सम्मान निधि का बेसब्री का इंतजार है। इससे उन्हें जायद की फसलों की खेती के लिए खाद-बीज का इंतजाम करने में सहूलियत होगी।