वाराणसी : पहलवान व समाजसेवी कांता प्रसाद मौर्य का निधन, परिजनों ने कराया नेत्रदान
वाराणसी। चिरईगांव क्षेत्र के सलारपुर निवासी, जोड़ी के प्रसिद्ध पहलवान, कोटेदार और समाजसेवी कांता प्रसाद मौर्य (86) का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए नेत्रदान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
कांता प्रसाद मौर्य अपने समय के जाने-माने जोड़ी पहलवान थे और समाजसेवा के कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। उन्होंने जीवनकाल में ही मृत्यु के बाद अंगदान करने का संकल्प लिया था। उनके इसी संकल्प को साकार करते हुए उनके पौत्र सत्यप्रकाश और ऋषि मौर्य ने उनके दोनों नेत्र दान कर दिए।
परिजनों ने तत्काल इस संबंध में वाराणसी आई बैंक सोसायटी को सूचना दी। सूचना मिलते ही आई बैंक के डॉक्टर अजय कुमार मौर्य अपनी टीम के साथ सलारपुर स्थित उनके आवास पहुंचे। टीम में नेत्रदान प्रस्तावक डॉ. अरविंद मौर्य और अन्य स्टाफ शामिल थे। उन्होंने विधिवत प्रक्रिया के तहत नेत्रदान संपन्न कराया।
मृतक के परिजनों ने बताया कि कांता प्रसाद मौर्य की इच्छा थी कि उनके जाने के बाद भी वे किसी के जीवन में रोशनी बन सकें। उनके इस संकल्प को पूरा कर परिवार ने न केवल उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी, बल्कि समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण भी पेश किया।
इस अवसर पर उनके भाई बाबूलाल ने परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का पुनीत कार्य हर व्यक्ति और परिवार को करना चाहिए। नेत्रदान जैसे कार्य न केवल किसी की जिंदगी में उजाला लाते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ाते हैं।