बरेका में मना विश्व फार्मासिस्ट दिवस, नई औषधियों और तकनीकी बदलावों की जानकारी साझा करने पर दिया जोर
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के केंद्रीय चिकित्सालय में विश्व फार्मासिस्ट दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की भूमिका, दवाओं के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग और मरीजों को औषधियों से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार, चिकित्सकों, फार्मासिस्टों, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ तथा कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा ने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना और एम.एल. श्राब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी
कार्यक्रम के समन्वयक राजेंद्र कुशवाहा और सोमनाथ हेम्ब्रम ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता और उचित भंडारण से लेकर मरीजों को दवाओं के सही इस्तेमाल की जानकारी देने तक उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी औषधि का प्रभावी उपयोग तभी संभव है, जब उसका सही तरीके से भंडारण, वितरण और सेवन सुनिश्चित हो। ऐसे में चिकित्सकों और मरीजों के बीच फार्मासिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
नए शोध और तकनीक से अपडेट रहना जरूरी
फार्मासिस्ट डॉ. अतुल कुमार साहू ने कहा कि फार्मेसी के क्षेत्र में लगातार नए शोध, औषधियों और तकनीकी बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में फार्मासिस्टों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को इन बदलावों की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए संगोष्ठी, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। इससे फार्मासिस्टों का ज्ञान अपडेट होगा और मरीजों को दवाओं के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग की बेहतर जानकारी दी जा सकेगी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों के साथ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से फार्मासिस्टों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ लोगों को दवाओं के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रशासन डॉ. मधुलिका सिंह, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके मौर्या, डॉ. मिन्हाज अहमद, मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौरभ सागर, डॉ. अब्दुल माबूद, डॉ. मोहम्मद याफिक, डॉ. स्नेहांजलि, डॉ. कोमल समेत चिकित्सक और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन फार्मासिस्ट अनुराग जायसवाल ने किया।