महिला आयोग की सदस्या ने की जनसुनवाई, महिला मामलों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

 

 वाराणसी। गीता विश्वकर्मा ने गुरुवार को वाराणसी दौरे के दौरान जिला कारागार चौकाघाट और सर्किट हाउस में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

जिला कारागार में महिला बंदियों से की मुलाकात
महिला आयोग की सदस्या ने सबसे पहले जिला कारागार चौकाघाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महिला बैरक में निरुद्ध महिला बंदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर महिला बंदियों को मिष्ठान और फल वितरित किए गए, जबकि बच्चों को खिलौने दिए गए।

उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि महिला बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आय अर्जित करने वाली महिलाएं अपनी कमाई को सुरक्षित रखें और भविष्य के लिए मजबूत बनें।

जनसुनवाई में पहुंचे 35 मामले
कारागार निरीक्षण के बाद सर्किट हाउस सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में कुल 35 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बाकी मामलों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जनसुनवाई में भूमि विवाद, महिला उत्पीड़न, नौकरी के नाम पर ठगी, मकान पर अवैध कब्जा और उपचार से जुड़े मामले प्रमुख रूप से सामने आए। महिला आयोग की सदस्या ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ तेजी से कार्रवाई की जाए।

योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित महिला एवं बालिका कल्याण योजनाओं की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों को भी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। बताया गया कि 8 मई को कौशल विकास योजनाओं को लेकर विशेष जागरूकता चौपाल आयोजित की जाएगी।

साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम के अंत में पुलिस विभाग की ओर से महिलाओं को साइबर अपराध से बचाव और जागरूकता से जुड़ी पुस्तिकाएं भी वितरित की गईं। बैठक में प्रशासन, पुलिस, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायत और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।