गंगा में बढ़ते जलस्तर के साथ जलकुंभी बनी चुनौती, असि घाट पर नगर निगम का विशेष सफाई अभियान जारी

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के साथ बड़ी मात्रा में जलकुंभी घाटों तक पहुंचने लगी है, जिससे असि घाट और आसपास के क्षेत्रों में नाव संचालन, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने असि घाट पर विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया है। सफाईकर्मी सुबह से शाम तक गंगा से जलकुंभी निकालकर उसका नियमित निस्तारण कर रहे हैं।
 

वाराणसी। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के साथ बड़ी मात्रा में जलकुंभी घाटों तक पहुंचने लगी है, जिससे असि घाट और आसपास के क्षेत्रों में नाव संचालन, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने असि घाट पर विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया है। सफाईकर्मी सुबह से शाम तक गंगा से जलकुंभी निकालकर उसका नियमित निस्तारण कर रहे हैं।

नगर निगम की टीम इंस्पेक्टर शिवेश तिवारी और सुपरवाइजर अनुजन सिंह के नेतृत्व में अभियान चला रही है। गंगा के बहाव के साथ लगातार आ रही जलकुंभी किनारों और नावों के आसपास जमा हो रही है, जिससे घाटों की सुंदरता प्रभावित होने के साथ नावों के संचालन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसे रोकने के लिए विशेष टीम लगातार सफाई में जुटी हुई है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान अब तक लगभग चार ट्रैक्टर जलकुंभी गंगा से निकालकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित की जा चुकी है। हालांकि जलस्तर बढ़ने के कारण नई जलकुंभी लगातार घाटों तक पहुंच रही है, इसलिए अभियान भी बिना रुके जारी रखा गया है। इंस्पेक्टर शिवेश तिवारी ने बताया कि नगर निगम का लक्ष्य किसी भी घाट पर जलकुंभी जमा नहीं होने देना है। इसके लिए अतिरिक्त निगरानी के साथ नियमित सफाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक गंगा के साथ जलकुंभी आती रहेगी, तब तक अभियान भी जारी रहेगा।

सावन के मद्देनजर असि घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन को देखते हुए नगर निगम घाटों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। स्थानीय नाविकों और नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया है।