विकसित भारत युवा कनेक्ट : सनबीम कॉलेज फॉर वुमेन भगवानपुर में छात्राओं को मिला विकसित भारत 2047 का सांस्कृतिक और वैचारिक मार्गदर्शन

वाराणसी। मंगलवार को वाराणसी के भगवानपुर स्थित सनबीम कॉलेज फॉर वुमेन, भगवानपुर में मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स, भारत सरकार के अंतर्गत माय भारत प्लेटफॉर्म द्वारा संचालित विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ को केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, सभ्यता और संकल्प का उद्घोष बताते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
 

वाराणसी। मंगलवार को वाराणसी के भगवानपुर स्थित सनबीम कॉलेज फॉर वुमेन में मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स, भारत सरकार के अंतर्गत माय भारत प्लेटफॉर्म द्वारा संचालित विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ को केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, सभ्यता और संकल्प का उद्घोष बताते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

वंदे मातरम्: सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रबोध का प्रतीक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् भारत के संघर्ष, संस्कृति और आत्मसम्मान का प्रतीक है। विकसित भारत 2047 की परिकल्पना केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का समान रूप से विकास शामिल है। वंदे मातरम् हमें मातृभूमि के प्रति कर्तव्यबोध कराता है और यह स्मरण दिलाता है कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि दीक्षा चौरसिया ने रखा विकसित भारत का वैचारिक दृष्टिकोण
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में माय भारत द्वारा चयनित यूथ आइकन दीक्षा चौरसिया, जबलपुर (मध्य प्रदेश) से उपस्थित रहीं। उन्होंने “वंदे मातरम्: द सिविलाइजेशनल मंत्रा फॉर विकसित भारत 2047” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा केवल नीतियों और योजनाओं से पूरी नहीं होगी, बल्कि इसके लिए सकारात्मक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक चेतना को अपनाना आवश्यक है।

युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना कार्यक्रम
दीक्षा चौरसिया ने युवाओं से आत्मनिर्भर बनने, नवाचार को अपनाने और भारतीय मूल्यों के साथ वैश्विक मंच पर नेतृत्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिकता को अपनाते हैं, तभी सच्चे अर्थों में विकसित और सशक्त भारत का निर्माण संभव होता है। वंदे मातरम् आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का मंत्र है, जो उन्हें राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराता है।

शैक्षणिक परिवार की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सौरभ सेन, प्रशासिका श्रीमती सरिता राव, एकेडमिक एडवाइजर डॉ. विभा श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी हेरम्ब कुमार मिश्र सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

विकसित भारत 2047 की ओर मजबूत कदम
विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि वंदे मातरम् केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है जो भारत को समृद्ध, सशक्त और विश्व को मार्गदर्शन देने वाला राष्ट्र बनाने की दिशा दिखाता है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित भारत 2047 का सपना साकार हो सकेगा।

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