वाराणसी : गूगल से नंबर ढूंढकर किया फोन, चिमनी सर्विसिंग के बहाने महिला से 1.92 लाख की साइबर ठगी
वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चिमनी सर्विसिंग कराने के प्रयास में एक महिला साइबर जालसाजों के जाल में फंस गई। ठगों ने खुद को सर्विसिंग एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर महिला से करीब 1.92 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नरिया निवासी नीलू देवी ने 18 अक्टूबर 2025 को अपने घर में लगी चिमनी की सर्विसिंग कराने के लिए इंटरनेट पर संबंधित सेवा प्रदाता का नंबर खोजा था। गूगल सर्च के माध्यम से मिले एक मोबाइल नंबर पर उन्होंने संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को प्रतिष्ठित सर्विसिंग एजेंसी का कर्मचारी बताते हुए विश्वास में लिया और चिमनी की सर्विसिंग कराने का आश्वासन दिया।
बातचीत के दौरान कथित कर्मचारी ने अलग-अलग प्रक्रियाओं और शुल्कों का हवाला देते हुए महिला से कई बार ऑनलाइन भुगतान कराया। नीलू देवी ने सेवा प्राप्त होने की उम्मीद में बताए गए खातों और माध्यमों पर रकम ट्रांसफर कर दी। धीरे-धीरे यह राशि बढ़कर 1 लाख 92 हजार रुपये तक पहुंच गई।
महिला को उस समय संदेह हुआ जब तय समय पर कोई तकनीशियन उनके घर नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्होंने संबंधित नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल फोन बंद मिला। लगातार प्रयासों के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तब उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं।
घटना के बाद पीड़िता ने विभिन्न स्तरों पर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। लंबे समय तक कार्रवाई न होने के बाद अब करीब आठ महीने बाद चितईपुर थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी राकेश गौतम के अनुसार, ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर सेल की सहायता से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।