वाराणसी : सलारपुर में वरुणा का बढ़ता पानी बना आफत, सैकड़ों परिवारों ने छोड़े घर

वरुणा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से सलारपुर क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने के बाद सैकड़ों परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई घरों और गलियों में पानी पहुंचने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। कई परिवार अपने घरों में ताला लगाकर जरूरी सामान के साथ सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं, जबकि कुछ लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण ली है।
 

रिहायशी इलाकों और गलियों में पहुंचा बाढ़ का पानी, प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने आज पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

वाराणसी। वरुणा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से सलारपुर क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने के बाद सैकड़ों परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई घरों और गलियों में पानी पहुंचने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। कई परिवार अपने घरों में ताला लगाकर जरूरी सामान के साथ सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं, जबकि कुछ लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण ली है।

बाढ़ का पानी बढ़ने से सलारपुर और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी लगातार रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इससे लोगों को अपने घरों में रखे सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। कई परिवारों ने समय रहते आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

रास्तों पर पानी से आवागमन प्रभावित
वरुणा के बढ़ते जलस्तर का असर क्षेत्र के सामान्य जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। कई रास्तों और गलियों में पानी भरने से लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। घरों के आसपास जलभराव होने से लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लंबे समय तक पानी जमा रहने से संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है।

बाढ़ की गंभीर होती स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सलारपुर क्षेत्र का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। साथ ही बाढ़ राहत शिविर में सामग्री भी बांटी। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राहत सामग्री, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वरुणा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य जरूरी है।