वाराणसी : लालपुर विद्युत उपकेंद्र पर प्रशिक्षण आयोजित, कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने की दिलाई शपथ

मिर्जामुराद क्षेत्र के लालपुर विद्युत उपकेंद्र पर बुधवार को मासिक विद्युत सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्युत कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित कार्य प्रणाली को सुनिश्चित करना रहा।
 

वाराणसी। मिर्जामुराद क्षेत्र के लालपुर विद्युत उपकेंद्र पर बुधवार को मासिक विद्युत सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्युत कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित कार्य प्रणाली को सुनिश्चित करना रहा।

कार्यक्रम में उपखंड आराजी लाइन के सभी अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी तथा विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े संविदा कुशल एवं अकुशल लाइनमैन शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों को विद्युत कार्य प्रारंभ करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनिवार्य रूप से शटडाउन लेने, सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करने तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

उपखंड अधिकारी आराजी लाइन राजेश कुमार ने कहा कि विद्युत कार्य अत्यंत संवेदनशील होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने और विभागीय दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण सत्र में अवर अभियंता अखिलेश यादव, विनम्र पटेल एवं सुबोध कुमार सिंह ने विद्युत सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) का उपयोग, लाइन पर कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन की पुष्टि, उपकरणों की नियमित जांच तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कर विद्युत दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही कर्मचारियों को सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लाइनमैन एवं कर्मचारियों को विद्युत सुरक्षा के प्रति सजग रहने, सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने तथा हर परिस्थिति में सुरक्षित तरीके से कार्य करने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि नियमित प्रशिक्षण से कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और विद्युत दुर्घटनाओं में कमी आएगी।