वाराणसी : तहसील में कतार में लगे फरियादी की बिगड़ी तबीयत, अचानक गिर पड़ा, मची अफरातफरी 

राजातालाब तहसील में उप जिलाधिकारी से मिलने के लिए कतार में खड़े एक फरियादी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसकी हालत गंभीर होते देख तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए फरियादी को सरकारी वाहन से अस्पताल भिजवाया। संकट की घड़ी में अधिवक्ताओं की इस पहल की लोगों ने सराहना की।
 

वाराणसी। राजातालाब तहसील में उप जिलाधिकारी से मिलने के लिए कतार में खड़े एक फरियादी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसकी हालत गंभीर होते देख तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए फरियादी को सरकारी वाहन से अस्पताल भिजवाया। संकट की घड़ी में अधिवक्ताओं की इस पहल की लोगों ने सराहना की।

राजातालाब निवासी महेंद्र मौर्य अपने दो भाइयों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं होने की शिकायत लेकर तहसील पहुंचे थे। उनका कहना था कि दोनों भाइयों की मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी है, लेकिन संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी की ओर से अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इस समस्या के समाधान के लिए वह कई दिनों से ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगा रहे थे। इसी सिलसिले में वह उप जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहते थे।

बताया जाता है कि उप जिलाधिकारी से मिलने के लिए कतार में खड़े रहने के दौरान महेंद्र मौर्य की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनका शरीर अकड़ने लगा और मुंह से खून निकलने लगा। देखते ही देखते वह जमीन पर गिर पड़े। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद फरियादियों और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ देर के लिए तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

अधिवक्ताओं ने दिखाई तत्परता
फरियादी की हालत गंभीर होते देख राजातालाब तहसील में मौजूद अधिवक्ता तत्काल मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना देर किए सरकारी वाहन की व्यवस्था कराई और महेंद्र मौर्य को उपचार के लिए अस्पताल भेजवाया। अचानक बिगड़ी हालत के बीच समय पर मदद मिलने से उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

जरूरी प्रमाण पत्र के लिए लगा रहा था चक्कर
इस घटना ने मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करने के लिए आम लोगों को होने वाली परेशानियों की ओर भी ध्यान खींचा है। महेंद्र मौर्य अपने दोनों भाइयों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए कई दिनों से संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। इसी सिलसिले में वह एसडीएम से मिलने पहुंचे थे, लेकिन शिकायत रखने से पहले ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद तहसील परिसर में मौजूद लोगों ने अधिवक्ताओं की मानवीय पहल की सराहना की।