वाराणसी : जूट-सुतली से साकार हुई मां दुर्गा की दिव्य छवि, भक्तों के बीच बनी आकर्षण का केंद्र, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
वाराणसी। शारदीय नवरात्र की नवमी पर शहर के दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से देर शाम तक विभिन्न पंडालों में भक्तों का तांता लगा रहा। इसी क्रम में सोनारपुरा क्षेत्र के केदारघाट स्थित केदार स्पोर्टिंग क्लब का पूजा पंडाल भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। यहां स्थापित मां दुर्गा की अनूठी प्रतिमा अपनी कलात्मकता और पर्यावरण अनुकूल निर्माण के कारण लोगों का ध्यान खींच रही है।
पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा जूट और सुतली से तैयार की गई है। प्राकृतिक सामग्री से निर्मित इस प्रतिमा में शिल्पकारों की कलात्मक दक्षता और रचनात्मकता की झलक दिखाई देती है। प्रतिमा में आदिशक्ति मां दुर्गा त्रिशूल धारण कर महिषासुर का वध करती हुई मुद्रा में विराजमान हैं। मां के दाईं ओर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी, जबकि बाईं ओर मां सरस्वती और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। खास बात यह है कि सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को जूट और सुतली से ही तैयार किया गया है।
पारंपरिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली इस अनूठी कलाकृति को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लोग प्रतिमाओं की बनावट और उनकी विशेष थीम की सराहना कर रहे हैं। केदार स्पोर्टिंग क्लब के अध्यक्ष संजय यादव ने बताया कि क्लब की ओर से हर वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा के लिए नई और अनूठी थीम चुनी जाती है। इस बार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जूट और सुतली से प्रतिमाएं तैयार कराई गई।