वाराणसी : भीमचंडी में 11 अक्टूबर से होगा 22वां श्रीश्री शतचंडी महायज्ञ, कलश यात्रा के साथ धार्मिक आयोजन का होगा शुभारंभ
वाराणसी। काशी सेवा शोध समिति, भिखारीपुर के तत्वावधान में राजातालाब के भीमचंडी स्थित मां जगदंबा मंदिर परिसर में 22वें श्रीश्री शतचंडी महायज्ञ का आयोजन 11 से 20 अक्टूबर तक किया जाएगा। महायज्ञ को लेकर समिति की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
समिति के सचिव डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि मां जगदंबा की कृपा से प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी शतचंडी महायज्ञ श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। महायज्ञ का आयोजन भीमचंडी माता मंदिर के पास स्थित धर्मशाला नंबर सात में होगा।
उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे कलश यात्रा के साथ महायज्ञ का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। विद्वान पंडित गुरु चंद्रमौलि उपाध्याय के सानिध्य में आचार्य पंडित सत्येंद्र मिश्रा समेत अन्य विद्वान पंडितों द्वारा यज्ञ संपन्न कराया जाएगा।
महायज्ञ के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन में श्रद्धालु शामिल होंगे। 19 अक्टूबर को सुबह सात बजे से हवन एवं पूजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें श्रद्धालु आहुति देकर मां जगदंबा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। आयोजन के अंतिम दिन 20 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे ब्राह्मण भोज और कन्या भोज का आयोजन होगा। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
डॉ. टीपी सिंह ने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करने तथा मां दुर्गा का आशीर्वाद और प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। समिति की ओर से आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।