वाराणसी : मेहंदीगंज में हनुमान प्रतिमा तोड़फोड़ की खबर निकली अफवाह, पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के मेहंदीगंज गांव में हनुमान जी की प्रतिमा विखंडित किए जाने की सूचना से शनिवार को क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मिर्जामुराद पुलिस सक्रिय हो गई और प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल जांच-पड़ताल कर मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाया।
जांच के दौरान मंदिर के पुजारी बबलू यादव ने पुलिस को बताया कि मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा लगभग 16 वर्ष पुरानी है। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले मंदिर परिसर में खेल रहे बच्चों की वजह से प्रतिमा के दाहिने हाथ का पंजा क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से प्रतिमा उसी स्थिति में स्थापित है और गांव के लोग नियमित रूप से वहां पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।
पुजारी के अनुसार मंदिर परिसर के समीप एक नए मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद वर्तमान विखंडित प्रतिमा का धार्मिक परंपराओं के अनुसार गंगा में विसर्जन किया जाएगा और उसकी जगह नई प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। इस संबंध में ग्रामीणों के बीच पहले से सहमति बनी हुई है।
पुलिस द्वारा की गई विस्तृत जांच में प्रतिमा के साथ हाल के दिनों में किसी प्रकार की छेड़छाड़, तोड़फोड़ या असामाजिक तत्वों की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला। मौके पर शांति व्यवस्था सामान्य पाई गई और किसी प्रकार के विवाद की भी पुष्टि नहीं हुई।
प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि हनुमान प्रतिमा को हाल में विखंडित किए जाने की जो सूचना प्रसारित की जा रही थी, वह भ्रामक और तथ्यहीन है। प्रतिमा का क्षतिग्रस्त हिस्सा कई वर्ष पुराना है तथा वर्तमान में किसी नई घटना के साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें और अफवाहों पर ध्यान न दें।