वाराणसी: कर्ज में डूबे रेलवे कर्मचारी ने रची लूट की साजिश, पुलिस की जांच में खुली फर्जी वारदात की पोल

सिगरा थाना क्षेत्र में ₹2.10 लाख की लूट की सूचना देकर पुलिस को दौड़ाने वाले रेलवे कर्मचारी की कहानी जांच में पूरी तरह झूठी निकली। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और गहन पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि कर्ज में डूबे कर्मचारी ने उधारदाताओं से बचने के लिए लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी।
 

वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र में ₹2.10 लाख की लूट की सूचना देकर पुलिस को दौड़ाने वाले रेलवे कर्मचारी की कहानी जांच में पूरी तरह झूठी निकली। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और गहन पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि कर्ज में डूबे कर्मचारी ने उधारदाताओं से बचने के लिए लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी।

 

पुलिस के अनुसार अमित कुमार श्रीवास्तव, पुत्र अवधेश प्रसाद श्रीवास्तव, मूल निवासी लक्ष्मीपुर सिसवन डाला, जिला सिवान (बिहार), वर्तमान में चंदवा, चित्तूपुर (थाना सिगरा) में किराये के मकान में रहते हैं और रेलवे विभाग में कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि 15 जुलाई को वह अपने आवास से बुलेट मोटरसाइकिल पर ₹2.10 लाख लेकर महमूरगंज स्थित बैंक शाखा में जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब 1:30 बजे लोको कॉलोनी के पास प्लेटिना मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने चाकू मारकर उनसे नकदी लूट ली। घटना की सूचना उन्होंने डायल-112 पर भी दी थी।

 

सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक सिगरा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के बाद थाना पुलिस और एसओजी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के निजी प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, त्रिनेत्र कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई और पीड़ित की पत्नी से भी पूछताछ की गई।

जांच के दौरान पुलिस को अमित कुमार के बयान और सीसीटीवी फुटेज में कई विरोधाभास मिले। इसके बाद जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरी सच्चाई स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि उन पर कई लोगों का कर्ज था और लगातार रुपये की मांग की जा रही थी। इसी दबाव से बचने और लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि उनके पैसे लूट लिए गए हैं, उन्होंने लूट की झूठी कहानी रची थी।