वाराणसी : पांच महीने से अधूरा सार्वजनिक शौचालय, स्थानीय नागरिकों के साथ पर्यटकों के लिए परेशानी
वाराणसी। वाराणसी में स्वच्छता और पर्यटन को लेकर किए जा रहे दावों के बीच नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। अस्सी-गोदौलिया मार्ग स्थित तुलसी घाट मोड़ पर भारतीय स्टेट बैंक के सामने बना सार्वजनिक शौचालय पिछले पांच महीनों से ध्वस्त अवस्था में पड़ा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम ने 20 मार्च 2026 को इसे अत्याधुनिक सुविधा के रूप में विकसित करने के नाम पर तोड़ दिया, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य शुरू ही नहीं कराया गया। परिणामस्वरूप क्षेत्र के निवासियों, श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्सी घाट, तुलसी घाट और आसपास का इलाका वाराणसी के सबसे व्यस्त धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर सार्वजनिक शौचालय का महीनों तक बंद रहना न केवल स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और पर्यटकों के लिए भी गंभीर समस्या बन गया है। लोगों का सवाल है कि यदि नया शौचालय समयबद्ध तरीके से तैयार नहीं होना था तो पुराने और उपयोगी शौचालय को जल्दबाजी में क्यों तोड़ा गया।
लगभग 12 वर्ष पहले अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास एवं संकट मोचन मंदिर के पूर्व महंत स्वर्गीय प्रो. वीरभद्र मिश्र की प्रेरणा, वर्तमान महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र के सहयोग तथा क्षेत्रीय नागरिकों के योगदान से समाजसेवी रामयश मिश्र ने इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया था। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ तुलसी घाट और अस्सी घाट आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्वच्छ और सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध कराना था। उस समय यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालय क्षेत्र की महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा माना जाता था।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाद में नगर निगम ने इस शौचालय का संचालन अपने अधीन लेकर उस पर अपना बोर्ड लगा दिया। इसके बाद 20 मार्च 2026 को इसे अत्याधुनिक बनाने की घोषणा के साथ ध्वस्त कर दिया गया। क्षेत्रवासियों ने भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद में इस निर्णय का स्वागत किया, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। आज भी स्थल पर मलबा और अधूरी संरचना ही दिखाई देती है।
समाजसेवी रामयश मिश्र ने कहा कि जनता के सहयोग और संतों के आशीर्वाद से निर्मित इस सार्वजनिक सुविधा को तोड़ने के बाद नगर निगम द्वारा नया निर्माण नहीं कराया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नगर निगम से तत्काल निर्माण कार्य शुरू कर शौचालय को शीघ्र जनता के लिए उपलब्ध कराने की मांग की।
क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से निर्माण में हो रही देरी के कारण सार्वजनिक करने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक और पर्यटन नगरी वाराणसी में बुनियादी सुविधाओं की ऐसी स्थिति "स्वच्छ काशी" और "सुगम काशी" के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है।