वाराणसी : सरकारी अस्पतालों में सेवा देंगे निजी चिकित्सक, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी विशेषज्ञों की मिलेगी सलाह

सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को अब निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए पहल करते हुए निजी चिकित्सकों को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी से जोड़ने का निर्णय लिया है। हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी समेत अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विशेषज्ञ निर्धारित दिनों में सरकारी अस्पतालों में बैठकर मरीजों का उपचार करेंगे। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिवाली से टेली कंसल्टेंसी सेवा के रूप में हो रही है। आने वाले दिनों में निर्धारित दिन और समय पर ओपीडी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
 

वाराणसी। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को अब निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए पहल करते हुए निजी चिकित्सकों को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी से जोड़ने का निर्णय लिया है। हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी समेत अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विशेषज्ञ निर्धारित दिनों में सरकारी अस्पतालों में बैठकर मरीजों का उपचार करेंगे। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिवाली से टेली कंसल्टेंसी सेवा के रूप में हो रही है। आने वाले दिनों में निर्धारित दिन और समय पर ओपीडी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

इस पहल से सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर उन मरीजों को लाभ होगा, जिन्हें विशेषज्ञ परामर्श के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहीं, दिवाली पर पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने झुलसे मरीजों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की है। शहर के पांच निजी प्लास्टिक सर्जन सरकारी अस्पताल के बर्न यूनिट में दो दिन तक अपनी सेवाएं देंगे। जरूरत पड़ने पर इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को तत्काल बुलाया भी जा सकेगा। इससे पटाखों से जलने वाले मरीजों को इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकना नहीं पड़ेगा।

जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर बेड आरक्षित करने के साथ जांच, उपचार और दवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में बर्न वार्ड की सुविधा केवल मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में उपलब्ध है, जहां प्लास्टिक सर्जन की कमी को दूर करने के लिए पांच निजी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने का निर्णय किया गया है। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था के लिए आदेश जारी कर दिया गया है।