वाराणसी : बारिश में खुली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, पानी में डूबा पिंडरा तहसील परिसर
वाराणसी। मानसून की पहली बारिश ने पिंडरा तहसील प्रशासन के जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त होने के दावों की पोल खोल दी। मंगलवार को हुई बारिश के बाद तहसील परिसर के मुख्य मार्ग समेत कई हिस्सों में जलभराव हो गया। पानी जमा होने से फरियादियों, अधिवक्ताओं और अधिकारियों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश की नंबर वन तहसील होने का दावा करने वाले प्रशासन की व्यवस्था बारिश में बेपटरी नजर आई।
बरसात से पहले प्रशासन की ओर से तहसील परिसर में नाले-नालियों की सफाई कराकर जलनिकासी व्यवस्था बेहतर करने के दावे किए गए थे। मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद इन दावों की हकीकत सामने आ गई। परिसर में जगह-जगह पानी भर गया और कई निकासी नालियां भी जलमग्न नजर आईं। मुख्य रास्ते पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई।
जलभराव का असर तहसील आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी पड़ा। एसीपी पिंडरा और नायब तहसीलदार की गाड़ियों को भी पानी के बीच खड़ा करना पड़ा। तहसील में विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे फरियादी भी जलभराव के कारण परेशान रहे। अधिवक्ताओं को भी अपने चैंबर और कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई हुई। जलभराव को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी रही। अधिवक्ता अश्वनी सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से हर वर्ष जलनिकासी को लेकर तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन उनकी हकीकत धरातल पर दिखाई नहीं देती। हर साल तहसील परिसर पानी में डूबता है, यह कोई नई समस्या नहीं है।
कनिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि वह करीब 15 वर्षों से अधिवक्ता हैं, लेकिन आज तक तहसील परिसर की जलनिकासी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। अधिवक्ता रविकांत सिंह ने भी कहा कि जब से वह तहसील में प्रैक्टिस कर रहे हैं, तब से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी हुई है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।