वाराणसी : बारिश में पानी भरी झोपड़ी में रहने को विवश नट समुदाय के लोग, आवास योजना का लाभ न मिलने पर सवाल 

विकासखंड आराजी लाइन क्षेत्र के ग्राम सभा महमदपुर में नट समुदाय के कुछ परिवार बारिश के बीच पानी से घिरी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चे घरों के गिरने के बाद इन परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। झोपड़ियों में पानी भर जाने से परिवार के सदस्यों को उसी के बीच रहने और किसी तरह रोजमर्रा का काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
 

वाराणसी। विकासखंड आराजी लाइन क्षेत्र के ग्राम सभा महमदपुर में नट समुदाय के कुछ परिवार बारिश के बीच पानी से घिरी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चे घरों के गिरने के बाद इन परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। झोपड़ियों में पानी भर जाने से परिवार के सदस्यों को उसी के बीच रहने और किसी तरह रोजमर्रा का काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

परिवार के सदस्य बाल्टी आदि के सहारे पानी बाहर निकालते नजर आए। लगातार बारिश के कारण स्थिति और खराब होने की बात ग्रामीणों ने बताई। महमदपुर निवासी रसूलिया देवी, बदरुद्दीन, रानी देवी और सरिता देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि उनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। लंबे समय से झोपड़ी में रहकर जीवन गुजार रहे हैं। उनका कहना है कि आवास के लिए करीब दो वर्षों से राजातालाब तहसील से लेकर संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों तक कई बार शिकायत और आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। अब तक उन्हें पक्का आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है।

आवास योजना का लाभ नहीं मिलने पर सवाल
सरकार की ओर से गरीब और आवास के पात्र परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद पात्रता की श्रेणी में आने का दावा करने वाले इन परिवारों को अब तक आवास का लाभ नहीं मिलने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने की बात
मामले में ग्राम प्रधान अनवर ने बताया कि लेखपाल की ओर से गांव में जांच की गई है। जांच के अनुसार ग्राम सभा में सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है। जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण आवास उपलब्ध कराने में समस्या सामने आ रही है। फिलहाल बारिश के बीच गरीब परिवार पानी से घिरी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। आसपास जलभराव के कारण उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने के साथ पात्र परिवारों के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। जलभराव लंबे समय तक रहने पर संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।