वाराणसी : विश्व बधिर सप्ताह पर पुलिसकर्मियों को सिखाए सांकेतिक भाषा से संवाद के तरीके, जरूरतमंदों की करेंगे मदद 

विश्व बधिर सप्ताह के अवसर पर वाराणसी पुलिस की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बधिर एवं दिव्यांगजनों के साथ पुलिस और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को प्रभावी संवाद के लिए जागरूक और सक्षम बनाना रहा।
 

वाराणसी। विश्व बधिर सप्ताह के अवसर पर वाराणसी पुलिस की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बधिर एवं दिव्यांगजनों के साथ पुलिस और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को प्रभावी संवाद के लिए जागरूक और सक्षम बनाना रहा।

अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कैंट प्रज्ञा पाठक के सहयोग से आयोजित सत्र में बधिर एवं दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को समझने और उनके साथ संवाद स्थापित करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि पुलिस सहायता लेते समय बधिर व्यक्तियों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ किस प्रकार सहयोग किया जा सकता है।

सत्र में भारतीय सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद की बुनियादी जानकारी साझा की गई। साथ ही पुलिस एवं ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली में समावेशी संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को पुलिस सेवाओं तक सहज पहुंच और आवश्यकता के समय बेहतर सहायता उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में सीआरसी वाराणसी के निदेशक आशीष कुमार झा, प्रशासनिक अधिकारी अंशु शाही और लेखाकार दिनेश जायसवाल समेत सीआरसी वाराणसी की टीम ने सक्रिय सहभागिता की। पुलिस अधिकारियों ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को पुलिसिंग में संवेदनशीलता और समावेशिता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताया।