वाराणसी : नवरात्र पर बुजुर्गों में भोजन और वस्त्र का वितरण, डांडिया से बांधा समां, अपना घर आश्रम में मां सेवा शक्ति ट्रस्ट का आयोजन

नवरात्र के पावन पर्व पर मां सेवा शक्ति ट्रस्ट की ओर से सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम में सेवा और आत्मीयता से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ट्रस्ट की सोनल श्रीवास्तव ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों और असहाय लोगों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। जरूरतमंदों के बीच भोजन, वस्त्र, फल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। वहीं, भजन और डांडिया के आयोजन ने कार्यक्रम में उत्सव का रंग भर दिया। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंदों को सहयोग देने के साथ उन्हें अपनापन और सम्मान का एहसास कराना रहा।
 

वाराणसी। नवरात्र के पावन पर्व पर मां सेवा शक्ति ट्रस्ट की ओर से सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम में सेवा और आत्मीयता से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ट्रस्ट की सोनल श्रीवास्तव ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों और असहाय लोगों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। जरूरतमंदों के बीच भोजन, वस्त्र, फल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। वहीं, भजन और डांडिया के आयोजन ने कार्यक्रम में उत्सव का रंग भर दिया। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंदों को सहयोग देने के साथ उन्हें अपनापन और सम्मान का एहसास कराना रहा।

कार्यक्रम के दौरान सोनल श्रीवास्तव ने आश्रम में रहने वाले लोगों के साथ समय बिताया और उनकी खुशियों में सहभागी बनीं। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल अपने परिवार और परिचितों के साथ खुशियां मनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका वास्तविक महत्व समाज के उन लोगों के साथ खुशियां बांटने में भी है, जिन्हें स्नेह, सहयोग और भावनात्मक संबल की आवश्यकता होती है। ऐसे अवसरों पर जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर उनके साथ समय बिताना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मां की स्मृति को सेवा से जोड़ा
सोनल श्रीवास्तव ने बताया कि मां के निधन के बाद जरूरतमंदों की सेवा करना उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। असहाय लोगों के बीच जाकर उनकी मदद करने और उनके चेहरों पर मुस्कान देखने से उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। उन्हें महसूस होता है कि सेवा के इस माध्यम से वह अपनी मां की स्मृतियों से भावनात्मक रूप से जुड़ी रहती हैं। इसी भावना के साथ वह समय-समय पर आश्रम पहुंचकर लोगों के साथ खुशियां साझा करती हैं। उन्होंने बताया कि खिचड़ी, होली, दीपावली और नववर्ष जैसे विशेष अवसरों पर भी वह आश्रम में पहुंचकर बुजुर्गों और जरूरतमंदों के बीच सेवा कार्य करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि त्योहारों के दौरान कोई भी व्यक्ति अकेलेपन या उपेक्षा का अनुभव न करे।

भजन और डांडिया ने बढ़ाया उत्साह
नवरात्र के अवसर पर आयोजित भजन कार्यक्रम में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। इसके बाद डांडिया के आयोजन में आश्रम के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भोजन, फल, वस्त्र और जरूरी सामग्री के वितरण के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने सेवा और सामाजिक संवेदना का संदेश दिया। ट्रस्ट की इस पहल ने त्योहार के अवसर पर जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों के कुछ पल जोड़ने का प्रयास किया।