वाराणसी : लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग अधिकारियों का आंदोलन तेज, आज से दो घंटे कार्य बहिष्कार
22 अक्टूबर को लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन में महानिदेशालय का करेंगे घेराव, प्रदेशभर के नर्सिंग अधिकारी होंगे शामिल
वाराणसी। नर्सिंग संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश ने अपना आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। मांगों के समर्थन में 9 से 20 अक्टूबर तक काली फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करने के बाद भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर संघ ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की है। इसके तहत 21 अक्टूबर से प्रतिदिन सुबह आठ से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, 22 अक्टूबर को लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन में महानिदेशालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के अनुसार, नर्सिंग संवर्ग की लंबित समस्याओं का समाधान कराने, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा उन्हें सम्मान और न्यायोचित अधिकार दिलाने के लिए शासन एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष लगातार मांगें उठाई जा रही हैं। इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से नर्सिंग अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है। इसी को देखते हुए आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
आंदोलन के तहत 22 अक्टूबर को आयोजित घेराव और धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर के नर्सिंग अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। राजकीय नर्सेज संघ ने सभी नर्सिंग अधिकारियों से एकजुटता बनाए रखने और आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। संघ का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य लंबित मांगों का समाधान कराना और नर्सिंग संवर्ग को उसका न्यायोचित अधिकार एवं सम्मान दिलाना है।
मरीजों की आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं होने देने का प्रयास
संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान मरीजों के हितों और अस्पतालों की आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखा जाएगा। आपातकालीन एवं अति आवश्यक सेवाओं को प्रभावित नहीं होने देने का प्रयास किया जाएगा। संघ को उम्मीद है कि शासन और संबंधित अधिकारी नर्सिंग संवर्ग की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेंगे, जिससे आंदोलन समाप्त करने की दिशा में सार्थक पहल हो सके।