वाराणसी : कन्या पूजन में पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, नमामि गंगे की पहल
वाराणसी। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर कन्या पूजन के अवसर पर नमामि गंगे की ओर से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। गढ़वासी टोला स्थित अमर शहीद संतोष कुमार कपूरिया युवा सांस्कृतिक समिति के दुर्गा पूजा पंडाल में रविवार को दुर्गा स्वरूपा कन्याओं को उपहार के रूप में पौधे भेंट किए गए। इस पहल के जरिए धार्मिक आस्था को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए लोगों को हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में कन्याओं ने लोगों से पर्यावरण की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने, प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और प्लास्टिक का अनावश्यक उपयोग नहीं करने का संदेश दिया। पौधे उपहार में देने की इस पहल के माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से बाजार जाते समय कपड़े या जूट के थैलों का इस्तेमाल करने और प्लास्टिक की थैलियों से बचने की अपील की गई। साथ ही कचरा इधर-उधर नहीं फेंकने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ना समय की जरूरत है। कन्या पूजन में बच्चियों को खिलौनों या प्लास्टिक की वस्तुओं के बजाय पौधे भेंट करने का उद्देश्य उनमें बचपन से ही पेड़-पौधों के प्रति लगाव और उनकी देखभाल की भावना विकसित करना है। पौधे जीवन, विकास और प्रकृति के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य उपहार समय के साथ पुराने या अनुपयोगी हो सकते हैं, लेकिन उचित देखभाल मिलने पर पौधे बड़े होकर वृक्ष बनते हैं। वृक्ष शुद्ध हवा देने, छाया प्रदान करने और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पौधों की देखभाल और संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम में विजय कपूरिया, रामेश्वर कपूरिया, पूनम शुक्ला, विनय कपूरिया और सूर्यांशु शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।