दिल्ली के जंतर-मंतर की घटना के विरोध में वाराणसी के अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बनारस बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
 

वाराणसी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बनारस बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उनका कहना था कि यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तो उनकी बात सुनने के बजाय बल प्रयोग किए जाने के आरोप गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

अधिवक्ता अशोक प्रजापति ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, जिससे कई छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।

बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अनिल कुमार पाठक ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को बल प्रयोग के माध्यम से दबाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से उनकी बात सुनी जानी चाहिए।

अधिवक्ताओं ने कहा कि बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर छात्र हितों की रक्षा, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने तथा जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।