वाराणसी : मिट्टी की सेहत सुधारकर बढ़ाएं सब्जियों की पैदावार, किसानों को बताए खेती के वैज्ञानिक तरीके
वाराणसी। खेती की लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, शाहंशाहपुर की ओर से खेत बचाओ अभियान चलाया गया। इसके तहत चिरईगांव विकास खंड की रैमला एवं सीवों ग्रामसभा में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 88 पुरुष और 27 महिला समेत कुल 115 किसानों ने भाग लिया। किसानों को वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य और जैविक खाद के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद शाहिद ने किसानों को मिट्टी की जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फसलों में आवश्यकता के अनुरूप पोषक तत्वों का इस्तेमाल करने से खेती की लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने जैविक खाद के उपयोग के फायदों की भी जानकारी दी।
इस दौरान डॉ. स्वाति शर्मा ने प्राकृतिक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के महत्व पर व्याख्यान दिया। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और जैविक खादों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया। साथ ही कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन कर आमदनी बढ़ाने के तरीके बताए। कार्यक्रम में संस्थान की ओर से विकसित 'काशी एजो बीसी' पाउडर जैव उर्वरक का किसानों को निःशुल्क वितरण किया गया। इसके उपयोग की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। किसानों को उन्नत सब्जी किस्मों, गुणवत्तापूर्ण बीजों और आधुनिक उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. राहुल सिंह ने किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान करते हुए तकनीकी मार्गदर्शन दिया। वहीं, एडीओ (कृषि) विनीत कुमार ने मिट्टी की जांच के महत्व को समझाया। कृषि विभाग की तृप्ति सिंह और निहाल शरण ने विभागीय योजनाओं एवं किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर संस्थान के अभिनव शर्मा और आकर्ष कुमार राय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।