वाराणसी : घनी आबादी में पटाखा गोदाम, बगल में पेट्रोल पंप, सुरक्षा पर उठे सवाल, अधिवक्ताओं ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

सारनाथ क्षेत्र में पटाखा विस्फोट से मकान जमींदोज होने और आधा दर्जन लोगों के घायल होने की घटना के बाद शहर में पटाखों के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में एक बड़ा पटाखा कारोबारी का गोदाम भी जांच के घेरे में आ गया है। आरोप है कि यह गोदाम घनी आबादी के बीच संचालित हो रहा है और इसके ठीक बगल में पेट्रोल पंप भी स्थित है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
 

वाराणसी। सारनाथ क्षेत्र में पटाखा विस्फोट से मकान जमींदोज होने और आधा दर्जन लोगों के घायल होने की घटना के बाद शहर में पटाखों के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में एक बड़ा पटाखा कारोबारी का गोदाम भी जांच के घेरे में आ गया है। आरोप है कि यह गोदाम घनी आबादी के बीच संचालित हो रहा है और इसके ठीक बगल में पेट्रोल पंप भी स्थित है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।

इस मामले को लेकर वाराणसी के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। उन्होंने संबंधित पटाखा गोदाम की वैधता, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं का कहना है कि ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है, खासकर तब जब आसपास घनी आबादी हो और नजदीक ही पेट्रोल पंप संचालित हो रहा हो।

सारनाथ में हालिया विस्फोट की घटना ने पटाखों के भंडारण और रिहायशी इलाकों में उनकी मौजूदगी से जुड़े जोखिमों को फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित गोदाम की स्थिति की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है, ताकि संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके और किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।