वाराणसी : योजनाओं के लाभ के लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूरी, संयुक्त निदेशक कृषि ने कैंप का किया निरीक्षण, अभियान में तेजी के दिए निर्देश

शासन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे 10 दिवसीय फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत बुधवार को तीसरे दिन संयुक्त कृषि निदेशक (जेडीए) शैलेंद्र कुमार ने उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल और जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह आराजीलाइन विकास खंड के जयापुर गांव में आयोजित रजिस्ट्री कैम्प का निरीक्षण किया। इस दौरान फार्मर रजिस्ट्री के प्रगति की स्थिति जानी। इसमें तेजी के निर्देश दिए। 
 

वाराणसी। शासन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे 10 दिवसीय फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत बुधवार को तीसरे दिन संयुक्त कृषि निदेशक (जेडीए) शैलेंद्र कुमार ने उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल और जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह आराजीलाइन विकास खंड के जयापुर गांव में आयोजित रजिस्ट्री कैम्प का निरीक्षण किया। इस दौरान फार्मर रजिस्ट्री के प्रगति की स्थिति जानी। इसमें तेजी के निर्देश दिए। 

निरीक्षण के दौरान कैम्प में तैनात तकनीकी सहायक पूनम प्रजापति ने जानकारी दी कि जयापुर गांव में अभी 111 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री लंबित है। कैम्प में उपस्थित 12 किसानों में से 7 किसानों की खतौनी में आदेश संबंधी समस्या होने के कारण उनका पंजीकरण नहीं हो सका, जबकि शेष 5 किसानों की रजिस्ट्री पूरी कर ली गई है। इस पर जेडीए ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अभियान में तेजी लाकर शेष किसानों का पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

जेडीए ने उपस्थित किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के महत्व और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह रजिस्ट्री किसानों की डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगी और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य होगी।

जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि जो किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराएंगे, उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं और धान बेचने में कठिनाई होगी, साथ ही अनुदानित उर्वरक जैसे यूरिया और डीएपी की खरीद में भी बाधा आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि रजिस्ट्री न कराने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किस्तें भी रोकी जा सकती हैं।

उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से उर्वरक सब्सिडी, फसल बीमा, कृषि यंत्रों पर अनुदान और बीज वितरण जैसी सुविधाएं सीधे किसानों तक पहुंचेंगी। साथ ही, सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बेचने की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी। इस अवसर पर ग्राम प्रधान राजकुमार यादव, पूनम पाल, पंचायत सहायक श्वेता और जन सेवा केंद्र संचालक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।