वाराणसी : दुर्गाकुंड मां कुष्मांडा मंदिर में भव्य श्रृंगार व भजन संध्या, भक्तिमय माहौल में डूबे भक्त, गूंजे मातारानी के जयकारे
वाराणसी। काशी के प्रसिद्ध दुर्गाकुंड स्थित माता कुष्मांडा मंदिर में विशेष श्रृंगार और भक्ति कार्यक्रम का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर माता का दिव्य और अलौकिक श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रृंगार में प्रयुक्त सभी फूल विशेष रूप से कोलकाता से मंगाए गए थे, जिनसे कुशल कलाकारों ने मंदिर परिसर को सुंदर और आकर्षक फूल मालाओं से सजाया। रंग-बिरंगे और सुगंधित पुष्पों से सजा मंदिर वातावरण को भक्तिमय और मनोहारी बना रहा।
विशेष श्रृंगार दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर माता के दर्शन कर रहे थे। “जय माता दी” और “माता रानी की जय” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था और चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा था।
मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। पंडित कौशलपति एवं अश्वनी के सहयोग से भक्तों को चने की घुंघरी, हलवा, चूड़ा-मटर और चाय प्रसाद स्वरूप वितरित की गई। यह प्रसाद वितरण सुबह से लेकर देर रात्रि तक लगातार चलता रहा, जिसमें मंदिर परिसर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसके साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति संगीत का विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें काशी के प्रसिद्ध और अनुभवी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किए, जिनकी मधुर धुनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों से कलाकारों का उत्साहवर्धन होता रहा।
पूरे आयोजन का संचालन सोनू झा ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया। मंदिर प्रशासन द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से सराहना की।