वाराणसी : प्रदेश अध्यक्ष के हाउस अरेस्ट के बावजूद NSUI कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
वाराणसी। कचहरी परिसर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास बुधवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली पुलिस के कथित रवैये के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित था। कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन ने एनएसयूआई उत्तर प्रदेश पूर्वी के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय को हाउस अरेस्ट कर दिया। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने निर्धारित कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा।
कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। प्रशासनिक दबाव के बावजूद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और लोकतंत्र तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
एनएसयूआई उत्तर प्रदेश पूर्वी के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप पाल ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए हाउस अरेस्ट या प्रशासनिक दबाव का सहारा लेना उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के बजाय उनकी मांगों पर विचार किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर आपत्ति जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रशासन द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किए जाने के बावजूद आंदोलन की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहने की बात कही। प्रदर्शन में एनएसयूआई उत्तर प्रदेश पूर्वी के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप पाल, गौतम शर्मा, रोशन यादव, नाजिम, आदर्श सोनकर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।