वाराणसी : संत नरहरी की स्मृति को सम्मान देने की मांग, शहनाई-तबले से सरकार को जगाने का ऐलान
वाराणसी। संत नरहरी की स्मृति एवं उनके सम्मान से जुड़ी वर्षों पुरानी मांग को लेकर अब सरकार की कथित उदासीनता के खिलाफ अनूठे तरीके से विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई है। मांग को लेकर लंबे समय से भारत सरकार, प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी और शासन के विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन और पत्राचार किए जाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं होने पर आयोजकों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
आयोजकों के अनुसार, पिछले कई महीनों से संत नरहरी की स्मृति से जुड़ी मांग को लेकर लगातार शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है। इस संबंध में कई बार ज्ञापन सौंपे गए और पत्राचार किया गया। इसके अलावा प्रखंड स्तर पर एक दिवसीय धरना भी दिया गया, लेकिन अभी तक शासन की ओर से न तो कोई ठोस निर्णय लिया गया और न ही स्पष्ट आधिकारिक जवाब मिला है।
इसी के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही शहनाई और तबला बजाकर शांतिपूर्ण एवं अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि सरकार का ध्यान लंबित मांग की ओर आकर्षित करना है।
आयोजकों ने कहा कि जब लगातार ज्ञापन और पत्राचार के बावजूद जनभावना शासन तक नहीं पहुंच रही है तो अब शहनाई की धुन और तबले की थाप के माध्यम से सरकार को जगाने का प्रयास किया जाएगा। संत नरहरी की स्मृति का सम्मान उनके लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक अस्मिता का विषय है।
ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की जाएगी कि पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहुंचाया जाए। साथ ही संबंधित विभागों से अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट लेकर संत नरहरी की स्मृति एवं सम्मान से जुड़ी मांग पर समयबद्ध और सकारात्मक निर्णय कराया जाए। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो सितंबर में बड़ी संख्या में लोग लखनऊ विधानसभा मार्ग तक पैदल मार्च करेंगे। उनका नारा है-“सरकार सो रही है, जनता जगा रही है, शहनाई बजेगी, तबला बजेगा, अब जवाब देना होगा।” आयोजकों ने मीडिया और क्षेत्रीय लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता और कवरेज की अपील की है।