वाराणसी : डीसीपी ने की अपहरण और गुमशुदा मामलों की समीक्षा, मातहतों को दिए सख्त निर्देश 

पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू कादयान ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय बाबतपुर में गोमती जोन के अंतर्गत दर्ज अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी विवेचकों और जांच अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित प्रकरणों की प्रगति का आकलन किया तथा गुमशुदा और अपहृत व्यक्तियों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
 

वाराणसी। पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू कादयान ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय बाबतपुर में गोमती जोन के अंतर्गत दर्ज अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी विवेचकों और जांच अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित प्रकरणों की प्रगति का आकलन किया तथा गुमशुदा और अपहृत व्यक्तियों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए पुलिस उपायुक्त ने कहा कि अपहरण एवं गुमशुदगी के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने जांच अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध सभी तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए मामलों की जांच को गति दी जाए। इसके तहत सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी माध्यमों का अधिकतम इस्तेमाल कर संभावित स्थानों पर लगातार तलाश और दबिश की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस उपायुक्त ने विशेष रूप से उन जटिल मामलों पर ध्यान देने को कहा जिनमें अब तक कोई ठोस सुराग प्राप्त नहीं हो सका है। ऐसे मामलों में गुमशुदा अथवा अपहृत व्यक्तियों के परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों से नियमित संपर्क बनाए रखने तथा उनसे प्राप्त होने वाली प्रत्येक महत्वपूर्ण सूचना का तत्काल सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हर संभावित सुराग को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक विधिक एवं पुलिस कार्रवाई की जाए, जिससे बरामदगी की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

बैठक के दौरान परिजनों के साथ सतत संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। पुलिस उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जांच के दौरान प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों को समय-समय पर परिजनों से साझा किया जाए और उनकी ओर से प्राप्त सूचनाओं को भी जांच का हिस्सा बनाया जाए। साथ ही सभी प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए बरामदगी के लिए किए गए प्रयासों तथा जांच की प्रगति का दैनिक विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया।

नीतू कादयान ने सभी जांच अधिकारियों को संवेदनशीलता, गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि गुमशुदा एवं अपहृत व्यक्तियों की सकुशल बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।