वाराणसी : बारिश के बीच बिजली के खंभे में उतरे करंट से गाय की मौत, हादसे के बाद लोगों में आक्रोश
वाराणसी। मानसून की पहली बारिश के साथ शहर में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को सुंदरपुर चौराहे के पास बिजली के एक खंभे में कथित रूप से उतरे करंट की चपेट में आने से एक आवारा गाय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की तत्काल जांच कराने की मांग की।
गाय सामान्य रूप से सड़क किनारे घूम रही थी। इसी दौरान वह एक बिजली के खंभे के संपर्क में आ गई। बताया जा रहा है कि लगातार हुई बारिश के कारण खंभे में करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही गाय ने खंभे को छुआ, वह तेज करंट की चपेट में आ गई और कुछ ही क्षणों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर आक्रोश व्यक्त किया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिजली के खंभों में करंट उतरने और खुले तारों से खतरा पैदा होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से नियमित निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत नहीं कराई जाती। लोगों ने आशंका जताई कि यदि इस स्थान पर किसी पशु की जगह कोई राहगीर या बच्चा करंट की चपेट में आ जाता, तो घटना और भी गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद लोगों ने मांग की कि शहर के सभी बिजली के खंभों, जंक्शन बॉक्स, अर्थिंग सिस्टम और खुले विद्युत तारों की व्यापक जांच कराई जाए। जहां भी तकनीकी खामी या करंट उतरने की संभावना मिले, वहां तत्काल मरम्मत और सुरक्षा उपाय किए जाएं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले तारों और विद्युत जोड़ों को सुरक्षित ढंग से इंसुलेट किया जाए तथा बरसात के मौसम में विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
क्षेत्रवासियों ने यह भी कहा कि विद्युत विभाग को नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। उनका मानना है कि समय पर निरीक्षण और आवश्यक सुधार कार्य किए जाएं तो न केवल पशुओं बल्कि आम नागरिकों की जान भी सुरक्षित रखी जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से घटना का संज्ञान लेने, पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पूरे शहर में विद्युत सुरक्षा का विशेष अभियान चलाकर संभावित खतरों को दूर करने की भी अपील की गई है।