वाराणसी : नगर निगम की संभव जनसुनवाई में सीवर, साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइटों से जुड़ी शिकायतों की भरमार, नगर आयुक्त ने तत्काल निस्तारण के दिए निर्देश
वाराणसी। नगर निगम में मंगलवार को आयोजित संभव जनसुनवाई में शहर के विभिन्न इलाकों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 22 शिकायतें प्राप्त हुईं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने लोगों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। प्राप्त शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन अग्रसारित किए गए।
जनसुनवाई में सड़क और भवनों की जर्जर स्थिति, साफ-सफाई, सीवर जाम, स्ट्रीट लाइट, गृहकर असेसमेंट, दाखिल-खारिज और आवास जैसी समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। नागरिकों ने अपने क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग की।
बजरडीहा के धनंजय चौबे ने सड़क निर्माण से संबंधित शिकायत दर्ज कराई, जबकि औरंगाबाद के लवकुश चौरसिया ने जर्जर भवन की समस्या उठाई। तरना शिवपुर की प्रियंका मिश्रा और शिवपुरवा के राहुल सोनकर ने साफ-सफाई की मांग की। चांदपुर के अमरजीत ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर प्रत्यावेदन दिया। सारनाथ के रवि कुमार पटेल ने असेसमेंट से जुड़ी समस्या अधिकारियों के सामने रखी।
सीवर की समस्या को लेकर आदमपुर के तारिक अनवर, इंद्रपुरी कॉलोनी के ओमप्रकाश चौबे, कमच्छा के रामानन्द और पियरीया पोखरी के अंगद चौहान ने शिकायत दर्ज कराई। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए बजरडीहा के मो. सुलैनी, शिवपुरवा के अवधेश कुमार श्रीवास्तव और सीरगोवर्धन के शिवधनी ने आवेदन दिया।
दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों में नगवां के पीयूष कुमार पांडेय, नदेसर के रोहन मिश्रा और मिसिर पोखरा के उपहास कुमार ने अपनी समस्याएं रखीं। वहीं, लक्ष्मनपुर की दुर्गा देवी और रूबी प्रजापति ने आवास के लिए आवेदन किया। मढ़वां लमही के वैभव शर्मा ने सड़क तथा कोतवाली के आनंद कुमार सुरेका ने जर्जर भवन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई।
इसके अलावा कोल्हुआ विनायका के धर्मेंद्र कुमार सोनकर ने संचिका, काजीपुरा खुर्द के सज्जाद खान ने सर्विस बीमा एवं भुगतान से संबंधित मामला उठाया। नगर निगम प्रशासन ने सभी शिकायतों पर संबंधित विभागों को कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को समस्याओं का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में करते हुए नागरिकों को राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया।