वाराणसी : रक्तदान से मानव सेवा का संदेश, एफएमएस-बीएचयू में लगा शिविर
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एफएमएस-बीएचयू) के सेवर्थ क्लब की ओर से 19 अगस्त को संस्थान परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। सर सुंदरलाल चिकित्सालय, बीएचयू के ब्लड बैंक के सहयोग से हुए इस शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने स्वैच्छिक रक्तदान में भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के साथ लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना रहा।
शिविर का आयोजन एफएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर आशीष बाजपेयी और डीन प्रोफेसर सुजीत कुमार दुबे के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान सर सुंदरलाल चिकित्सालय के ब्लड बैंक की चिकित्सा टीम मौजूद रही। टीम ने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की और चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप रक्तदान की प्रक्रिया को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया।
इस अवसर पर एफएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर आशीष बाजपेयी ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा के सबसे पुनीत कार्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस जीवनरक्षक पहल में संस्थान के सदस्यों की भागीदारी सराहनीय है। स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों की मदद की जा सकती है और समाज के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन किया जा सकता है।
डीन प्रोफेसर सुजीत कुमार दुबे ने कहा कि रक्तदान शिविर संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने सेवर्थ क्लब के सदस्यों और सहयोगी चिकित्सा टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल विद्यार्थियों और संस्थान के अन्य सदस्यों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शिविर के सफल आयोजन में सेवर्थ क्लब की समन्वयक प्रोफेसर शशि श्रीवास्तव और छात्र सलाहकार डॉ. आनंदिता चक्रवर्ती का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से शिविर सुचारू रूप से संपन्न हुआ। सेवर्थ क्लब की ओर से रक्तदान में स्वेच्छा से शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। क्लब ने कहा कि रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों में भागीदारी समाज के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती है।