वाराणसी : बेनीपुर के बेटे ने बढ़ाया मान, पीसीएस में चयनित जिलाजीत मौर्य का जोरदार स्वागत

आराजी लाइन विकासखंड के बेनीपुर गांव निवासी जिलाजीत मौर्य के पीसीएस परीक्षा में 136वीं रैंक हासिल कर वाणिज्य कर अधिकारी बनने पर गांव में उनके प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही वे गांव पहुंचे, सैकड़ों ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। पूरा गांव उत्सव के माहौल में डूबा नजर आया।
 

वाराणसी। आराजी लाइन विकासखंड के बेनीपुर गांव निवासी जिलाजीत मौर्य के पीसीएस परीक्षा में 136वीं रैंक हासिल कर वाणिज्य कर अधिकारी बनने पर गांव में उनके प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही वे गांव पहुंचे, सैकड़ों ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। पूरा गांव उत्सव के माहौल में डूबा नजर आया।

गांव के मुख्य चौराहे पर लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया और उनकी सफलता पर गर्व जताया। इसके बाद जिलाजीत मौर्य ने गांव के प्रसिद्ध डीह बाबा मंदिर में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद लिया।

बातचीत के दौरान जिलाजीत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाइयों को दिया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की और कभी हार नहीं मानी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक सिविल सेवा में सफलता नहीं मिलेगी, तब तक विवाह नहीं करेंगे। अंततः उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में यह सफलता अर्जित की।

जिलाजीत चार भाइयों और चार बहनों में सबसे छोटे हैं। लगभग 18 वर्ष पूर्व उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां भी उनके कंधों पर आ गईं। इसके बावजूद उन्होंने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी और प्रयागराज में रहकर अपने लक्ष्य को हासिल किया।

इस अवसर पर उनकी माता गुलाबी देवी भावुक हो उठीं और खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने जिलाजीत की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।